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विस चुनाव में कांग्रेस की किसानों पर होगी नजर

Sun, 01 Jan 2017 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर में 2017 के चुनावी रण में मैदान मारने के लिए कांग्रेस का सबसे ज्यादा ध्यान इस बार किसानों पर है। कांग्रेस की नैया इस बार किसान मांग पत्र की पतवार के सहारे होगी। कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जिले से करीब तीन लाख मांग पत्र भरवाए हैं। सभी किसानों से उनके ऊपर कर्ज की पूरी डिटेल मांगी गई है। कांग्रेस से टिकट के दावेदार किसानों का कर्जा माफ करने व बिजली बिल हाफ करने का दावा करने का जनता से वादा कर रहे हैं।
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वेस्ट यूपी में चुनावी मुद्दों की धुरी किसान हैं। सभी दल यहां पर किसानों को फोकस करके ही अपनी चुनावी रणनीति बनाते हैं। चुनाव से पहले बाकी सभी दलों ने युवा, महिला, पिछड़े आदि कई तरह के सम्मेलन करा दिए हैं, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस का फोकस पूरी तरह किसानों पर ही है। पार्टी हाईकमान को लगता है कि प्रदेश में अपना खोया आधार पाना है तो किसानों को फिर से पार्टी से जोड़ना होगा। इसके लिए पार्टी ने किसान मांग पत्र का सहारा लिया है। इस मांग पत्र में किसानों से उनके ऊपर बैंक ऋण व बिजली बिल की जानकारी मांगी जा रही है। पार्टी की ओर से दावेदारों को भी किसानों के बीच जाकर किसान मांग पत्र भरवाने के लिए कहा गया है। हर प्रत्याशी को छह-छह हजार फार्म भरवाने का टारगेट दिया गया था। जिले में करीब चार लाख किसान परिवार हैं। 
जिले की आठों विधानसभा सीटों से छह लाख से अधिक किसान मांग पत्र भरवाकर पार्टी हाईकमान को भेजे जा चुके हैं। सभी दावेदार किसानों को कांग्रेस की सरकार बनने पर ऋण माफी का दावा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने भी जिले में हुए सम्मेलन में किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह के अनुसार कांग्रेस किसानों की सबसे बड़ी हितैषी पार्टी है। 
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कांग्रेस ने पहले भी किसानों का कर्जा माफ किया है। बाकी पार्टियां किसान हित होने का ढोंग करती हैं। उनके अनुसार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर फिर से किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा।
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