बिजनौर में प्रशासन ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में अन्याय विरोधी संघर्ष समिति की ओर से होने वाले धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए कमर कस ली है। पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी है। प्रशासन ने धरना प्रदर्शन को लेकर कोई अनुमति नहीं दी है। धरना-प्रदर्शन करने वालों से निपटने के लिए कई कंपनी पीएसी मंगाई गई है। इसके अलावा कई जिलों से पुलिस फोर्स भी आ गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। धरना-प्रदर्शन करने वालों को कलक्ट्रेट के आसपास भी फटकने नहीं दिया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।
साकेंद्र चौधरी के पक्ष में गठित अन्याय विरोधी संघर्ष समिति ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में किसान जसवंत सिंह की मौत में नामजदों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। कहा गया है कि इस धरना प्रदर्शन में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी भी भाग ले रहे हैं। रालोद नेता भी धरने प्रदर्शन में भीड़ जुटाने में लगे हैं। धरने प्रदर्शन को लेकर प्रशासन चौकन्ना हो गया है। प्रशासन किसी भी कीमत पर धरना प्रदर्शन नहीं होने देगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। एसडीएम सत्येंद्र कुमार के मुताबिक पूरे जिले में धारा 144 लागू है। ऐसो में बिना प्रशासन की अनुमति के धरना-प्रदर्शन अवैध है। अन्याय विरोधी संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को कलक्ट्रेट में होने वाले धरना प्रदर्शन को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। उन्होंने जनसामान्य से आह्वान किया कि वह प्रशासन की अनुमति के बिना होने वाले धरना प्रदर्शन में भाग न लेकर जिले में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक बिना अनुमति के किसी को भी धरना प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिजनौर की सीमा से लेकर शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। कलक्ट्रेट के आसपास भी पुलिस रहेगी। कलक्ट्रेट में किसी को नहीं जाने दिया जाएगा।
पीएसी के साथ गैर जिलों से बुलाई पुलिस फोर्स
बिजनौर। एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक धरना प्रदर्शन करने वालों से निपटने के लिए पांच कंपनी पीएसी बुलाई गई है। इसके अलावा बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा समेत कई जिलों से पुलिस फोर्स भी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद से एक एसपी, दो सीओ, चार थाना प्रभारी, 45 दरोगा, पांच महिला दरोगा, 50 हेड कांस्टेबिल, 100 कांस्टेबिल, रामपुर से एक सीओ पुलिस, तीन थाना प्रभारी, 35 दरोगा, तीन महिला दरोगा, 30 हेड कांस्टेबिल और 100 कांस्टेबिल, अमरोहा से एक सीओ, दो थाना प्रभारी, 20 दरोगा, दो महिला दरोगा, 20 हेड कांस्टेबिल 50 कांस्टेबिल बुलाए गए हैं। इसके अलावा और भी फोर्स बुलाई गई है।
एसडीएम को सौंपी जांच
डीएम जगतराज ने बताया कि किसान जसवंत सिंह की मृत्यु के कारणों की गहनता और निष्पक्षता से जांच करने की जिम्मेदारी एसडीएम सत्येंद्र कुमार को सौंपी गई है। 15 दिन में एसडीएम अपनी आख्या डीएम को भेजेंगे। डीएम ने बताया कि जसवंत सिंह के गांव में हुए हार्ट अटैक के उपरांत इलाज के लिए बिजनौर स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां लाया गया था। वहां जसवंत सिंह को मृत घोषित कर दिया गया था।
पुलिस ने पीएसी के साथ निकाला फ्लैग मार्च
बिजनौर। पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम बिजनौर शहर के अलावा आसपास के गांवों में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च निकलने से लोगों में हलचल मची रही। फ्लैग मार्च शहर कोतवाली से शुरू हुआ। पुलिस की कई गाड़ी फ्लैग मार्च में सायरन बजाती हुईं चल रही थी। इनके पीछे पुलिस व पीएसी के जवान पैदल चल रहे थे। फ्लैग मार्च सिविल लाइन होता हुआ पूरे शहर में निकला। इसके बाद आसपास के गांवों में भी फ्लैग मार्च निकाला गया। शाम के समय बिजनौर शहर में पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुईं नजर आईं।
रस्मपगड़ी में उमड़ी भीड़
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कोतवाली देहात। मृतक जसवंत सिंह की रस्म पगड़ी पर गांव मलकपुर देहरी में बिजनौर सांसद कुवर भारतेंद्र सिंह, सपा विधायक मनोज पारस, डा.मधु सिंह, किसान नेता धर्मवीर धनकड़, नितिन प्रताप मौर्य, पप्पू चैयरमैन, चमन सिंह, प्रवेंद्र राजपूत, नहटौर विधायक ओमकुमार के भाई भीष्म सिंह, हेमेंद्रपाल सिंह, कुंवर कृष्ण बलदेव सिंह, सतपाल सिंह, समरपाल सिंह, कुलवीर सिंह, सागर चौधरी समेत जनपद और गैर जनपद के विभिन्न राजनैतिक व गैर राजनैतिक संगठनों के हजारों लोग मौजूद रहे। मृतक की आत्मा शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।