- इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नहीं किए जा रहे है मरीज, कर रहे रेफर
- मेडिकल अस्पताल के दो वार्डों में करीब 50 मरीज भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में लगातार मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। अब स्टाफ नर्स की कमी होने से अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड बंद कर दिया गया है। वार्ड में ज्यादा मरीज भर्ती भी नहीं किए जा रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को रेफर कर रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल में अभी तक तीन वार्ड मेडिसिन, सर्जिकल, इमरजेंसी वार्ड संचालित हो रहे थे। इनमें से इमरजेंसी वार्ड को स्टाफ नर्स की कमी की वजह से बंद कर दिया गया है। अब दो वार्ड में मरीज भर्ती हो रहे हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
वहीं, दोनों वार्डों में जगह नहीं होने पर मरीजों का इलाज अस्पताल की इमरजेंसी में ही किया जा रहा है। साथ ही रोजाना 10 ऐसे मरीजों को रेफर किया जा रहा है। जिन्हें वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा सकता था। स्टाफ नर्स की कमी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। उधर, दोनों वार्डों में करीब 50 मरीज भर्ती हैं।
केस नंबर एक
मरीज राम सिंह के परिजनों ने बताया कि उनके लीवर में दिक्कत है। चिकित्सक ने इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया। इसके बाद अब उन्हें मेरठ मेडिकल अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है।
केस नंबर दो
अस्पताल में आए एक मरीज ने बताया कि उसे उल्टी-दस्त की समस्या थी। अस्पताल में चिकित्सक ने उसे भर्ती करने के लिए कहा। जब वार्ड में गए तो स्टाफ कम होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया।
एक स्टाफ नर्स को छह मरीजों की देखभाल का नियम
मेडिकल अस्पताल में पहले पांच स्टाफ नर्स थी। सीएमओ की ओर से तीन स्टाफ नर्स को मेडिकल अस्पताल में संबद्ध किया गया है। अब दो स्टाफ नर्स की तबीयत खराब हो गई है। इसके चलते दोनों स्टाफ नर्स छुट्टी पर चली गई हैं। एक वार्ड में एक स्टाफ नर्स ड्यूटी कर रही है। मेडिकल अस्पताल की हेड नर्स पुष्पा निगम ने बताया कि एक स्टाफ नर्स वार्ड में छह मरीजों की देखभाल कर सकती है। एक वार्ड में करीब छह स्टाफ नर्स होनी चाहिए। तभी मरीजों की सही से देखभाल हो सकेगी।
बुधवार दोपहर को इमरजेंसी में 15 मरीज रहे भर्ती
मेडिकल अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार दोपहर को करीब 15 मरीज भर्ती रहे। चिकित्सकों ने बताया कि वार्ड में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इस वजह से यहीं बेड पर भर्ती कर इनका इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल में स्टाफ नर्स कम है। इसलिए एक वार्ड बंद कर दिया गया है। दो वार्डों में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। स्टाफ के अभाव में सामान्य मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। - डॉ. मनोज सेन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर