सरकथल माधो के पंचायत घर में मौजूद निराश्रित पशु।
- फोटो : BIJNOR
नींदडू। किसानों ने एक बार फिर निराश्रित पशुओं को पंचायत भवन में बंद कर दिया, लेकिन वाहनों की व्यवस्था न होने से पशु शाम तक पंचायत भवन में ही विचरण करते रहे।
सरकथल माधो के पूर्व प्रधान डॉ. पुनीत कुमार ने बताया कि सोमवार को ग्राम पंचायत अधिकारी के कहने पर किसानों ने खेतों में निराश्रित घूमने वाले छह पशुओं को लाकर पंचायत भवन में इकट्ठा किया। पशुपालन विभाग के कर्मचारी भी गांव पहुंच गए, लेकिन ग्राम पंचायत एवं सचिव द्वारा पशुओं को गोशाला ले जाने की व्यवस्था न करने के कारण पशु पंचायत भवन में ही मौजूद हैं। उनके चारे-पानी की व्यवस्था की गई। वहीं ग्राम प्रधान कृष्णा देवी के पति शौकीन सिंह ने बताया कि पंचायत की ओर से भाड़े के वाहन का कोई प्रावधान नहीं है। पशु ले जाने की व्यवस्था किसानों को करनी है। ग्राम पंचायत अधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के किसानों से एक जून को पशु पंचायत घर में इकट्ठा करने को कहा था, ताकि उन्हें गोशाला छुड़वाया जा सके। तब किसानों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। तीन जून को उनका स्थानांतरण हल्दौर के लिए हो गया। उधर, पशु चिकित्सालय धामपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने गांव में शेर सिंह, विपिन कुमार व वैक्सीनेटर जयदेव सिंह को मौके पर भेजा, ताकि पशुओं को बेहोश करके उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में मदद की जा सके, लेकिन किसानों व ग्रामीणों द्वारा वाहनों की व्यवस्था नहीं की गई। वाहन व्यवस्था होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को पुन: गांव में भेजा जाएगा।