नजीबाबाद। शासन-प्रशासन द्वारा किसानों की अनदेखी से गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के खंड कार्यालय पर धरना दिया।
भाकियू की युवा इकाई के जिलाध्यक्ष लाल सिंह, तहसील अध्यक्ष संदीप सिंह के नेतृत्व में किसान नेता शुक्रवार सुबह सिंचाई विभाग के खंड कार्यालय पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं विभाग के एसडीओ सतीश कुमार का घेराव कर कार्यालय से बाहर बैठा लिया।
लाल सिंह ने कहा कि नहरों में पर्याप्त पानी न छोड़े जाने से फसलें सूख रही हैं। बिजली कटौती होने से नलकूप भी नहीं चल पा रहे हैं। किसानों ने नहरों में 1500 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने की मांग उठाई। मौके पर जसविंदर सिंह, नीटू चौधरी, वरुण, बलिहार सिंह, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।
आपूर्ति में सुधार न हुआ तो करेंगे आंदोलन
चांदपुर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने बिगड़ी विद्युत आपूर्ति के विरोध में तहसील पर प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन देकर आपूर्ति में सुधार की मांग की।
संगठन के कार्यकर्ता शुक्रवार को तहसील पर एकत्र हुए और तहसील के गेट पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की चरमराई आपूर्ति पर रोष जताते हुए कहा कि बिगड़ी विद्युत आपूर्ति से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
किसानों की फसल सूख रही है। व्यापार चौपट हो रहे हैं। संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन देकर क्षेत्र को डबल ग्रुप में बिना ट्रिपिंग के आपूर्ति किए जाने की मांग करते हुए 21 जनवरी तक आपूर्ति में सुधार न होने पर 22 सितंबर को सुबह दस बजे से आंदोलन करने की की चेतावनी दी है।
ज्ञापन देने वालों में कैलाश सिंह लांबा, धर्मेंद्र सिंह तोमर, सुमन कुमार शर्मा, आदित्यवीर सिंह, देशराज सिंह, रामेश सिंह रहे।
उलेढ़ा बिजलीघर से आपूर्ति ठप
अमर उजाला ब्यूरो
छाछरी मोड़। उलेढ़ा बिजलीघर क्षेत्र के गांवों में दो दिनों से बिजली गुल होने से उपभोक्ता परेशान है। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विद्युत कटौती के चलते उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है। कई दिनों से शेड्यूल के मुताबिक आधी भी बिजली भी नहीं मिल पा रही है, साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ता है।
ऊपर से उलेढ़ा बिजलीघर से बृहस्पतिवार से बिजली गुल है। बिजलीघर से जुडे़ उलेढा, झाल, छाछरी, सिकंदरी, फतेहपुर, मुकरपुर, हीमपुर आदि गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। बिजली न आने से सिंचाई व्यवस्था व प्रकाश व्यवस्था ठप है।
ग्रामीण रामपाल सिंह, श्याम सिंह, यशपाल सिंह, सुरेंद्र ठेकेदार, निर्देश शर्मा आदि का कहना है कि उलेढ़ा बिजलीघर को करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित ढींगरपुर से बिजली सप्लाई होती है। विद्युत लाइन जर्जर और पुरानी होने के कारण आए दिन फाल्ट होते रहते हैं।
उलेढ़ा बिजलीघर को छाछरी टीप स्थित विद्युत ट्रांसमिशन केंद्र से नहीं जोड़ा जा रहा, जबकि छाछरी टीप स्थित विद्युत ट्रांसमिशन की दूरी मात्र दो किलोमीटर है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कहा कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए जल्द ही बिजली समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा। एसई एके सिंह का कहना है कि आपूर्ति के ठप होने के बारे में वह अफसरों से जानकारी लेंगे और समस्या का समाधान कराया जाएगा।
कामराजपुर में टूटा विद्युत तार
नांगलसोती। नांगल के गांव कामराजपुर में खस्ताहाल विद्युत लाइन आबादी क्षेत्र में अचानक स्पार्किंग के साथ टूटकर गिर गई। ट्रांसफार्मर के निकट विद्युत लाइन टूटने से पास में खड़े महबूब, याकूब, अकबर अंसारी, दानिश ने भागकर जान बचाई।
तत्काल चंदक बिजलीघर को सूचना देकर विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। महफूज अहमद, समशीर, सईद, शादाब, फहीम का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन बदलवाने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया, लेकिन किसी ने आज तक ध्यान नहीं दिया। उधर, जेई दीपक कुमार ने जर्जर विद्युत लाइन बदलवाने के लिए शीघ्र स्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की जानकारी दी।
बिजली के लिए न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया
बिजनौर। अंधाधुंध विद्युत कटौती और वर्तमान में चल रहे विद्युत सप्लाई के शेड्यूल के विरोध में वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है।
वकीलों ने कटौती के विरोध में शुक्रवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जिला मुख्यालय पर अघोषित कटौती पर रोक नहीं लगाई गई व सप्लाई नहीं बढ़ाई गई तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली की अध्यक्षता व सचिव वरूण राजपूत के संचालन में हुई सभा में कहा गया कि जिला मुख्यालय पर दस से 12 घंटे की ही विद्युत सप्लाई मिल पा रही है। रोस्टिंग के नाम पर किसी भी समय बिजली भगा दी जाती है।
जनता को न दिन को चैन है और न रात को आराम। इसके अलावा लो वोल्टेज की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
इससे वकील भी अपने मुकदमों की तैयारी नहीं कर पा रहे और त्रस्त हैं। वक्ताओं ने कहा कि कटौती के खिलाफ अब चुप नहीं बैठा जाएगा।
वकील कटौती के विरोध में जनता को अपने साथ जोड़कर जन आंदोलन चलाएंगे। वकीलों ने जिला मुख्यालय को कम से कम 18 घंटे निर्बाध विद्युतछ आपूर्ति किए जाने की मांग की। सभा में हिमांशु गहलौत, केडी सिंह, पूर्व अध्यक्ष निरंकार सिंह, दिनेश वर्मा, गजेंद्र सिंह देवल, नवदीप सिंह, अमित अग्रवाल, ब्रिजेश कुमार, विनय देवरा आदि मौजूद रहे।
निगम के आंकड़ों में पूरी मिल रही बिजली
बिजनौर। भीषण गर्मी के बीच जनपद में बिजली संकट ने त्राहि त्राहि मचा रखी है। देहात को तीन घंटे और शहर को केवल बारह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। हैरत की बात ये है कि पिछले कई दिन से हो रही भयंकर बिजली कटौती के बावजूद भी विद्युत निगम के आंकड़ों में खूब करंट दौड़ रहा है।
जिले में शहरी क्षेत्र में पंद्रह घंटे और देहात में दस घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन मौके पर आधा समय ही बिजली मिल रही है। बिजली संकट से जनपद में हाहाकार मचा हुआ है। उद्योग-धंधे चौपट हो गए। बिजली की आंख मिचौली उपभोक्ताओं का सिरदर्द बनी हुई है। भीषण गर्मी में बिजली संकट ने उपभोक्ताओं की परेशानी और भी बढ़ा दी है।
इसमें गौर करने लायक बात ये है कि कटौती के साथ लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या कोढ़ में खाज बनी हुई है। जितना समय बिजली मिल रही है, उसका भी उपभोक्ता कोई फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। देहात क्षेत्रों में तीन घंटे बिजली मिल रही है। फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने की कगार पर हैं।