अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल तक के बच्चों के भी आधार कार्ड बनाए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से ये आधार कार्ड बनेंगे।
जिले में 3236 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं।
केंद्रों पर छह महीने से छह साल तक के बच्चे आते हैं। इन बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाओं को भी केंद्रों पर पोषाहार वितरित किया जाता है। कई बार आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के नाम पास में ही संचालित हो रहे दूसरे केंद्रों पर लिखे होने की शिकायत की जाती है।
हालांकि अब डुप्लीकेसी को रोकने के लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले पांच साल तक की उम्र के करीब चार लाख बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे।
इसके अलावा केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं के भी आधार कार्ड बनेंगे। आधार कार्ड बनाने के इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके लिए शासन द्वारा छह एजेंसियों को नामित किया गया है।
खास बात यह है कि एजेंसियों की टीम में चिकित्सकों का दल भी शामिल होगा, जो केंद्रों पर जाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन से निर्देश प्राप्त हो गए हैं।