बिजनौर। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन से पांच जुलाई तक आयोजित होने वाले आम महोत्सव-2026 में इस बार बिजनौर के आमों की भी खास पहचान देखने को मिलेगी। जिले के बागों में उत्पादित दशहरी, चौसा, लंगड़ा, आम्रपाली, मल्लिका, गुलाब जामुन, अंबिका समेत 50 प्रजातियों के आम महोत्सव में प्रदर्शित किए गए।
जिले से करीब 30 बागवान अपनी उपज लेकर लखनऊ पहुंच चुके हैं। महोत्सव में आमों की गुणवत्ता, स्वाद और आकर्षण के आधार पर प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें विजेता बागवानों और उनकी प्रजातियों को सम्मानित किया जाएगा। उद्यान विभाग के अनुसार महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश के बागवानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ आम की उत्कृष्ट किस्मों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। आयोजन में एक ही मंच पर क्रेता और विक्रेता मौजूद रहेंगे, जिससे बागवानों को सीधे व्यापारिक संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे आम उत्पादकों को नए बाजार मिलने के साथ बेहतर मूल्य मिलने की भी उम्मीद है।
बिजनौर के आमों को नए खरीदार मिलेंगे
जिले में करीब 9,885 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की बागवानी होती है। मंडावर, कोतवाली, नांगल, नहटौर, किरतपुर और गंज क्षेत्र आम उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। यहां उत्पादित आम अपनी मिठास और महक के कारण दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के राज्यों के बाजारों में विशेष मांग रखते हैं। उद्यान विभाग को उम्मीद है कि महोत्सव के माध्यम से बिजनौर के आमों को नए खरीदार मिलेंगे और बागवानों की आय में वृद्धि होगी।
-यह प्रजातियां हुई महोत्सव में शामिल
उद्यान निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि बिजनौर से दशहरी, चौसा, लंगड़ा, रटौल, आम्रपाली, मल्लिका, माया, गुलाब जामुन, अंबिका, सफेद जौहरी, रामकेला, पूसा सूर्य सहित करीब 50 प्रजातियां महोत्सव में शामिल की गई हैं। इन किस्मों की गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध की देशभर में अलग पहचान है।
-तीन साल पहले जीता प्रथम स्थान
-अफसरों के अनुसार तीन साल पहले आम महोत्सव में जिले के उत्पादित गुलाब जामुन आम की प्रजाति ने प्रथम स्थान पाया था। मुख्यमंत्री ने जिले के विजेता प्रगतिशील किसान डॉ. दयाकृष्ण शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।
लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश आम महोत्सव में जिले की 50 प्रजातियां शामिल हुई है। जिले के आम की मिठास प्रदर्शनी में अपनी सुगंध से आकर्षित कर रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि जिले के उत्कृष्ट आम की प्रजातियां लखनऊ महोत्सव व प्रतियोगिता में पुरस्कार पाएंगी। -सतेंद्र पाल मान, जिला उद्यान अधिकारी।