बिजनौर। जिले के गन्ना किसानों के खाते में जल्द ही राज्य सरकार 227 करोड़ रुपये भेेजेगी। राज्य सरकार ने चीनी के दाम कम होने के कारण आर्थिक तंगी झेल रही शुगर मिलों को 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अनुदान देने का सर्कुलर जारी कर दिया है।
राज्य सरकार यह धनराशि शुगर मिलों के नहीं बल्कि गन्ना विभाग के माध्यम से किसानों के खातों में भेजेगी।
जिले की शुगर मिलों पर 280 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब 737 करोड़ रुपया बकाया है। बकाया नहीं मिलने से गन्ना किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। शुगर मिलों का तर्क है कि चीनी के दाम गत वर्षों के मुकाबले कम होने के कारण गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है।
शुगर मिले इस संबंध में पहले ही गन्ना आयुक्त को भी लिखकर दे चुकी है। शुगर मिलों की कथित आर्थिक तंगी के चलते प्रदेश सरकार ने मिलों को 28.60 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अनुदान देने का ऐलान किया था। इस संबंध में अब सर्कुलर जारी हो चुका हैै। माना जा रहा है कि आगामी दो सप्ताह में किसानों को अनुदान की धनराशि मिल जाएगी।
सर्कुलर के अनुसार राज्य सरकार ने गन्ने के बकाया भुगतान के लिए यह धनराशि मिलों के बजाए गन्ना किसानों को सीधे देने का निर्णय लिया है। सभी जनपदों में गन्ना अधिकारी के खाते में यह धनराशि आएगी। गन्ना अधिकारी की देखरेख में ही पेमेंट गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों के खातों में भेजा जाएगा।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार मिलों को राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान के संबंध में सर्कुलर जारी हो चुका है। बिजनौर जिले को 227 करोड़ रुपये का अनुदान मिल रहा है। जल्द ही यह धनराशि बिजनौर जिले को मिलने की उम्मीद है।