फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में हुआ अमोनिया गैस का रिसाव, बड़ा हादसा टला

विज्ञापन
बिजनौर में मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव होने के दौरान मुंह पर कपड़ा बां
विज्ञापन
- बुधवार दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ अमोनिया गैस का रिसाव
विज्ञापन

- अग्निशमन विभाग की टीम ने पानी का छिड़काव कर बंद किया टैंक का वाल्व

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नगीना रोड स्थित मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में बुधवार दोपहर अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। जिससे फैक्टरी में अफरा-तफरा का माहौल हो गया। वहां काम कर रहे मजदूर मौके से भागकर दूर खड़े हो गए। बाद में घटना की जानकारी अग्निशमन विभाग को दी। टीम के मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार की और टैंक का वाल्व बंद किया।

मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हुआ। देखते ही देखते गैस तेजी से निकलने लगी। शुरूआत में फैक्टरी के लोगों ने ही अमोनिया का रिसाव रोकने का प्रयास किया। लेकिन, वह नाकाम रहे। इसके बाद घटना की जानकारी तीन बजकर 15 मिनट पर अग्निशमन केंद्र को दी गई। रेस्क्यू यूनिट सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंची। टीम ने मोटर फायर इंजन द्वारा पंपिंग कर पानी का छिड़काव शुरू किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा के दिशा निर्देशन में यूनिट ने अमोनिया के टैंक पर पानी डाला। जिससे अमोनिया को डायलूट (पानी द्वारा घोला गया/फैलने से रोकना) करते हुए मेन वाल्व को बंद किया गया। इस घटना कोई जनहानि नहीं हुई। सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
विज्ञापन


अमोनिया रिसाव के वक्त फैक्टरी में नहीं थे पर्याप्त संसाधन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि फैक्टरी में वाटर हाइडेंट था। लेकिन, गैस रिसाव के दौरान प्रयोग होने वाला ब्रीदिंग एपरेटस सेट फैक्टरी में नहीं मिला। जबकि, इस उपकरण का होना जरूरी है। क्योंकि, गैस रिसाव के दौरान श्वास लेने के लिए इसकी आवश्यकता पड़ती है। सांस लेने का उपकरण नहीं होने की वजह से बाद में दमकल टीम को बुलाना पड़ा। जरूरी संसाधन नहीं होने से कर्मचारियों के साथ कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। लेकिन, समय रहते सभी कर्मचारी टैंक से दूर चले गए।

दमकल टीम के पांच कर्मियों ने बंद किया वाल्व
दमकल विभाग के पांच कर्मियों ने सांस लेने के यंत्र और अन्य उपयुक्त वर्दी पहनकर फैक्टरी के अंदर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने टैंक पर पानी की बौछार की। काफी देर पानी की बौछार करने के बाद टीम के सदस्यों ने अमोनिया के वॉल्व को बंद किया।

घटना के समय फैक्टरी में मौजूद थे 40 लोग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, जब मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। उस दौरान फैक्टरी में करीब 30 से 40 लोग मौजूद थे। सभी सुरक्षित हैं।

बहुत खतरनाक है अमोनिया गैस
अमोनिया की उच्च सांद्रता गंभीर चोट और जलन का कारण बन सकती है। अमोनिया घोल के संपर्क में आने से त्वचा में जलन, आंखों को स्थायी क्षति या अंधापन सहित नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन


वर्जन::
मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में अमोनिया गैस के रिसाव को काफी मशक्कत के बाद बंद किया गया। फैक्टरी में बड़ा हादसा होने से टल गया। अमोनिया गैस के रिसाव में कोई जनहानि नहीं हुई है। फैक्टरी में ब्रीदिंग एपरेटस सेट उपलब्ध नहीं था। - अजय कुमार शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बिजनौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें