कोतवाली देहात में प्रेमिका ने की थी अमित की हत्या
बिजनौर। एक सप्ताह पूर्व प्रेमिका ने ही अपने पति के साथ मिलकर हरेवली निवासी अमित की हत्या कर शव नहर में डाला था। शराब पिलाने के बाद युवक पर ईंट से ताबड़तोड़ प्रहार किए गए थे। पुलिस व स्वाट टीम ने महिला और उसके पति का दबोचकर हत्या का खुलासा कर दिया है।
एसपी डॉ. धर्मवार सिंह के मुताबिक 31 मार्च को कोतवाली देहात क्षेत्र के पेट्रोल पंप से गौसपुर रोड पर साइफन नहर में शेरकोट थाना क्षेत्र के गांव हरेवली निवासी 25 वर्षीय अमित का शव मिला था। उस समय सभी ने मान लिया था कि अमित की मौत नहर में डूबने से हुई है। स्वाट टीम के साथ कोतवाली देहात पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुटी थी। पुलिस ने कोतवाली देहात की रजा कॉलोनी निवासी मेहताब व उसकी पत्नी अफसाना को दबोचा तो दोनों ने अमित की हत्या का राज खोल दिया।
मेहताब ने पुलिस को बताया कि अफसाना का पहला निकाह शेरकोट थाने के गांव हरेवली निवासी गफ्फार के साथ हुआ था। 18 माह पहले बीमारी के कारण गफ्फार की मौत हो गई। एक वर्ष पूर्व मेहताब ने अफसाना से निकाह कर लिया। इसके बाद भी अफसाना ज्यादातर गफ्फार के हरेवली में स्थित घर पर रहती थी। पिछले नौ माह से अफसाना की हरेवली में पड़ोस में रहने वाले अमित कश्यप से नजदीकी बढ़ती गई। मेहताब को जब दोनों के संबंधों के बारे में पता चला तो उसने अफसान को तलाक देने का दबाव बनाया। अफसाना ने मेहताब से वादा किया कि जैसा वह कहेगा वैसा ही वह करेगी।
28 मार्च को होली के दिन अफसाना ने अमित को फोन करके कोतवाली देहात में मेहताब के घर बुला लिया। अमित बाइक से वहां आ गया। अमित को दोनों ने पहले शराब पिलाई और घर में ही पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी लाश को बोरे में बंद करके गांव हीरापुर के जंगल में नहर में फेंक आए। उसकी बाइक को गन्ने के खेत में छिपा दिया। मेहताब और अफसाना ने बताया कि उन्होंने अमित का शव नहर में इसलिए डाला था, ताकि पुलिस को लगे कि युवक की मौत नगर में डूबने से हुई है। एसपी ने हत्या का खुलासा करने वाली टीम में शामिल स्वाट टीम के प्रभारी राजकुमार शर्मा, संजय कुमार, कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक लव सिरोही समेत पूरी टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बाइक से खुला अमित की हत्या का राज
अमित का शव नहर से मिलने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत पानी में डूबकर होना पाया गया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले की फाइल बंद कर दी थी। अमित की बाइक पुलिस को बढ़ापुर हरेवली मार्ग पर मिली तो स्वाट टीम के प्रभारी राजकुमार शर्मा को कुछ शव हुआ। उन्होंने अपनी टीम के साथ अफसाना का मोबाइल नंबर खंगाला तो उसकी दो तीन बार अमित से बात होती पाई गई। स्वाट टीम ने अफसाना और मेहताब को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की सारी कहानी बता दी। दोनों ने पुलिस को बताया कि घर पर अफसाना ने शराब के नशे में धुत अमित पर ईंट से प्रहार किए थे। जिससे वह वहीं अचेत हो गया था। उसे बोरे में बंद करके वे बाइक पर नहर तक लेकर आए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अमित की बाइक नहर के आसपास मिलती तो स्वाट टीम को शक नहीं होता।