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मिलों ने रोज किया 11 करोड़ का भुगतान

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बिजनौर। एक ओर गन्ने के भुगतान को लेकर किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी इस साल भुगतान की रफ्तार में सुधार होने की बात की जा रही है। इस साल आंकड़ों पर नजर डालें तो हर रोज मिलों ने करीब सवा 11 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया। किसानों के खातों में अब तक गन्ने का 1750 करोड़ रुपये का भुगतान जा चुका है, वहीं मिलों पर अभी भी 810 करोड़ बकाया बना हुआ है।
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गन्ना पेराई सत्र का अब आखिरी पड़ाव शुरू होने वाला है। पिछले साल गन्ना भुगतान होने में काफी परेशानी हुई थी। ज्यादातर मिलों ने वर्तमान पेराई सत्र शुरू होने पर पिछले साल का भुगतान किया था। यदि गन्ना भुगतान में इस साल मिलों की स्थिति देखी जाए तो स्थिति थोड़ी बेहतर मानी जा रही है। इसकी वजह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव माना जा रहा है। विपक्षी दल भाजपा को किसानों की समस्याओं पर घेरने में लगे हैं। चुनाव को देखते हुए इस बार गन्ना भुगतान में सुधार लाया गया है। जिले में इस पेराई सत्र में बिलाई चीनी मिल सबसे पहले चली थी। मिल ने 30 अक्तूबर को पेराई शुरू किया था। इस लिहाज से मिलों को पेराई स्तर शुरू किए हुए 157 दिन का समय हुआ है, जबकि किसानों के खातों में 1757 करोड़ का भुगतान गया है। यानी किसानों के खातों में हर रोज औसतन 11.20 करोड़ का भुगतान गया है।
भुगतान के हो रहे प्रयास: महाप्रबंधक
बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार किसानों को भुगतान समय से दिलाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। चीनी के दाम बहुत कम होने से मिल को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
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चीनी मिल भुगतान बकाया
धामपुर 435 83
स्योहारा 361 109
बिलाई 42 294
बहादरपुर 268 25
बरकातपुर 215 87
बुंदकी 265 24
चांदपुर 94 50
बिजनौर। 29 65
नजीबाबाद। 44 69
कुल। 1757 810
नोट:भुगतान व बकाया करोड़ रुपये में है।
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