अमानगढ़ रेंज के स्टाफ का मोहंडिया में डेरा
बिजनौर। मादा गुलदार ने गांव मोहंडिया के जंगल में ही ठिकाना बना लिया है। पिछले तीन दिन से लगातार गुलदार गांव मोहंडिया में ही देखा जा रहा है। वन विभाग गुलदार की लोकेशन के आधार पर उसे पिंजरे में फंसाने या फिर ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी कर रहा है। अमानगढ़ रेंज से काफी स्टाफ मोहंडिया के पास बुला लिया गया है।
गुलदार ने 25 दिसंबर बुधवार को गांव असगरपुर में शानू और 26 दिसंबर बृहस्पतिवार को गांव मोहंडिया के जंगल में काम कर रहे शफीक को मार डाला था। अगर मालन नदी के बहाव के साथ चला जाए तो मोहंडिया गांव असगरपुर से आगे पड़ता है। इसके बाद गुलदार गांव रतनपुर, महेश्वरी के जंगल में भी देखा गया। दिन में गुलदार चाहे जहां भी रहे, रात को गुलदार की लोकेशन गांव मोहंडिया के जंगल में ही मिल रही है। गुलदार की तलाश में कांबिंग कर रही वन विभाग की टीम को देर शाम मादा गुलदार एक जंगल में दिखी थी। वन विभाग ने गांव मोहंडिया के जंगल में गुलदार को देखने के लिए पांच ट्रैप कैमरे लगाए हैं। शनिवार रात एक कैमरे में रात तीन बजकर 46 मिनट पर गुलदार कैद हो गया था। रविवार को भी एक कैमरे में गुलदार की फोटो कैद हुई है। यह फोटो रात चार बजकर पांच मिनट पर खिंची गई है। दोनों फोटो गन्ने के खेत के पास की है। अब यह पक्का हो गया है कि दिन में मादा गुलदार कहीं भी रहे रात को वह मोहंडिया के जंगल में ही रहती है। अब इसी हिसाब से गुलदार को पकड़ने की तैयारी की जा रही है।
शाम से सक्रिय होता है गुलदार
गुलदार बहुत शर्मिला जीव होता है। यह दिन में गन्ने के खेत में ही रहता है। शाम को शिकार के लिए सक्रिय होता है। गांवों के पास खेतों में रहने वाला गुलदार अक्सर गांवों में ही रात में घुस आता है। यह पशुशाला में बंधे पशुओं व आवारा कुत्तों को निवाला बना लेता है।