बजट के अभाव में लटका 3300 जननियों का भत्ता
बिजनौर। बजट के अभाव में जिले की लगभग 3300 जननियों का पोषण भत्ता अटक गया है। जनपद में प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले लगभग छह माह से जननी सुरक्षा योजना की धनराशि लाभार्थियों के खाते में नहीं पहुंच पाई है। जिला महिला अस्पताल से लेकर करीब करीब हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की यही स्थिति है।
केंद्र सरकार ने जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत 12 अप्रैल 2005 को की थी। सुरक्षित प्रसव कराने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवतियों को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना चलाई गई थी। ताकि अधिक से अधिक संख्या में सरकारी अस्पतालों में प्रसव हों और जच्चा-बच्चा सुरक्षित रहें। सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 1400 रुपये तथा शहरी इलाके में रहने वाली महिला को एक हजार रुपये पोषण भत्ते के रूप में दिए जाते हैं।
सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के बाद पहले चेक दिए जाते थे, लेकिन वर्तमान में यह धनराशि सीधे पात्र के खाते में ट्रांसफर की जाती है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि पिछले दिनों कोरोना काल के कारण शासन से बजट रिलीज नहीं हो पाया था। इसके अभाव में जिले में करीब 3300 महिलाओं को इस योजना की राशि नहीं पहुंच पाई। बजट आने पर इस योजना की धनराशि जिला महिला अस्पताल सहित सभी ब्लॉकों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।