आवंटन किसी और को, काबिज कोई और
अचल चौधरी
बिजनौर। अफसरों को धरातल पर चल रहे खेल की तमाम कहानी मालूम ही नहीं पड़ती हैं। जी हां, अधिशासी अधिकारी के साथ भी ऐसा ही हो रहा था। दरअसल पालिका की एक दुकान का आवंटन किसी और को हुआ था, लेकिन काबिज कोई और निकला। अब हुआ यूं कि अधिशासी अधिकारी मिठाई खरीदने दुकान पर पहुंचे थे, तो आवंटन और कब्जा की पोल पट्टी खुल गई। किराएदारी पर आवंटित हुई दुकान को कब्जाधारक ने खरीदा हुआ बता दिया। पालिका अधिकारी अब नोटिस देने की तैयारी कर रहे हैं।
शहर में कई जगहों पर नगर पालिका की दुकानें हैं, जिन्हें किराएदारी पर आवंटित कर रखा है। नुमाइश ग्राउंड पर भी पालिका की दर्जनों दुकानें हैं। आवंटन के बाद ये किसके हवाले हो जाती है, यह मालूम नहीं पड़ता है। कुछ जगहों पर आवंटन कराने वाले ने दूसरों के हवाले मोटे किराए पर कर दिया है। फिर ये अपने अनुसार दुकान का डिजाइन तक बदल देते हैं। ऐसा ही एक मामला खुद अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार ने पकड़ लिया। बताया गया कि नुमाइश ग्राउंड के पास एक मिष्ठान भंडार से मिठाई खरीदने पहुंचे थे। मिष्ठान भंडार पालिका की ओर से आवंटित दुकान में चल रहा है। अब अधिशासी अधिकारी इतना जानते थे कि यह पालिका की दुकान है। मिष्ठान भंडार वाले ने दो दुकानों के बीच की दीवार को निकालकर एक कर लिया है। अधिशासी अधिकारी ने आम आदमी बन पूछ लिया भइया ये क्या कर रहे हो। दुकानदार ने भी बता दिया कि उन्होंने दुकान खरीद ली है और अब इसका चौड़ीकरण कर रहे हैं। अब शनिवार की सुबह ही अधिशासी अधिकारी ने संपत्ति विभाग से पत्रावली तलब कर ली। देखा गया तो उक्त दुकान किसी और को आवंटित हुई थी जबकि काबिज कोई और है। अब नोटिस देने की तैयारी चल रही है। (संवाद)
पालिका ने एक समझौता करते हुए दुकानों को आवंटित किया था। इसमें दुकान किसी दूसरे को नहीं दी जा सकती। समझौते का उल्लंघन हुआ है, दुकान में तोड़फोड़ की गई है। मिष्ठान भंडार वाली दुकान का आवंटन निरस्त किया जाएगा।
- मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी पालिका, बिजनौर