गंगा में तीन मीटर से लंबे हुए घड़ियाल
बिजनौर। गंगा में घड़ियाल अपना साम्राज्य फिर से कायम करने लगे हैं। गंगा में डॉल्फिन की गिनती के दौरान काफी घड़ियाल भी दिख रहे हैं। कुछ घड़ियाल तो तीन मीटर तक के हैं। इन घड़ियालों के जल्दी ही व्यस्क होने का अनुमान है। इसके बाद ये घड़ियाल गंगा में प्रजनन शुरू करेंगे। गंगा में घड़ियालों की नई पीढ़ी जन्म लेना शुरू करेगी।
गंगा में घड़ियाल एक समय लगभग विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए थे। लेकिन गंगा में घड़ियाल का साम्राज्य फिर से कायम करने की जिम्मेदारी डब्लूडब्लूएफ ने ली थी। साल 2009 में डब्लूडब्लूएफ ने हस्तिनापुर सेंक्चुरी में 788 घड़ियाल के बच्चे छोड़े थे। घड़ियालों की स्थिति के बारे में समय समय पर डब्लूडब्लूएफ द्वारा सर्वे किया जाता रहा है। पिछले साल भी डब्लूडब्लूएफ ने गंगा में फिर से 60 घड़ियाल छोड़े थे। इनमें दस नर व 50 मादा घड़ियाल थीं। ये घड़ियाल छोड़े तो मुजफ्फरनगर की ओर थे, लेकिन ये गंगा के प्रवाह के साथ बहकर बिजनौर में विदुर कुटी के आसपास आ गए थे। यहां पर घड़ियाल कई बार देखे गए।
अब सोमवार से गंगा में डॉल्फिन की गिनती शुरू की गई है। गंगा की धारा में डॉल्फिन तो अठखेलियां करते हुए दिख ही रही हैं, इसके साथ घड़ियाल भी दिख रहे हैं। गंगा में घड़ियाल तट पर धूप सेंकते हुए दिख रहे हैं। साल 2008 में छोड़े गए घड़ियाल अब विशाल रूप धारण कर चुके हैं। कुछ घड़ियाल तो तीन मीटर से भी अधिक लंबे हो चुके हैं। घड़ियाल 12-13 साल की उम्र में प्रजनन करने लगते हैं। डब्लूडब्लूएफ की टीम का मानना है कि गंगा में घड़ियाल जल्दी ही प्रजनन करना शुरू कर सकते हैं।
छह मीटर तक लंबे होते हैं घड़ियाल
गंगा में रहने वाले घड़ियाल बहुत विशाल होते हैं। मादा घड़ियाल की लंबाई पांच मीटर व नर घड़ियाल की लंबाई छह मीटर तक हो जाती है। घड़ियाल एक तरह के मगरमच्छ ही होते हैं। इनका मुंह लंबा होता है और थूथन पर एक छोटे घडे़नुमा आकृति होती है। यह मछली का ही शिकार करते हैं। मादा घड़ियाल गंगा की नम रेत में एक बार में 20 से 90 तक अंडे देती है। बच्चों के अंडों से बाहर निकलने पर वह उन्हें मुंह में भरकर पानी में ले जाकर छोड़ती है। वह अपने बच्चों की काफी समय तक देखभाल भी करती है।
नई पीढ़ी जल्द लेगी जन्म
डब्लूडब्लूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी संजीव यादव के अनुसार गंगा में घड़ियाल दिख रहे हैं। कुछ घड़ियाल तीन मीटर तक लंबे हो गए हैं। जल्दी ही घड़ियाल प्रजनन शुरू कर सकते हैं। गंगा में घड़ियालों की नई पीढ़ी जन्म लेगी। यह अच्छे संकेत हैं।