बिजनौर में विधानसभा चुनाव पास आते ही छोटे दलों ने भी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। 11 दलों ने यूपी इत्तेहाद फ्रंट के नाम से पार्टी बनाई है। यूपी की सभी सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
फ्रंट संयोजक मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा ने मुसलमानों व दलितों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन इनका विकास नहीं किया। अंबेडकर समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज सिंह ने कहा कि सारे दलित नेता स्वार्थवश भाजपा के पेट में समा चुके हैं और भरोसे के काबिल नहीं हैं। भाजपा के साथ तीन बार सरकार बना चुकी मायावती पर मुसलमान भरोसा कैसे कर सकते हैं। वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सैय्यद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले से गरीबों पर कहर बरपा है। पूंजीपतियों ने तो अपना काला धन सफेद कर लिया, लेकिन गरीब जनता लाइन में खड़ी है। नवभारत निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हाजी सलीम अहमद ने कहा कि फ्रंट समाज के हर वर्ग की आवाज उठाएगा। फ्रंट में परचम पार्टी ऑफ इंडिया, आवामी विकास पार्टी, वंचित समाज इंसाफ पार्टी, डेमोक्रेटिक पीपल्स, नेशनल फ्रंट, लोकतांत्रिक पार्टी, नेशनल लोकमत पार्टी, मुस्लिम मजलिस भी शामिल होंगी। बैठक में पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल रहे।