बिजनौर। विधान परिषद की बाल विकास एवं महिला कल्याण समिति ने शुक्रवार को मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के कई प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।
प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों की हालत खराब मिली, कई स्कूलों में बच्चे कम तो शिक्षक ज्यादा मिले। आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत भी बेहद खराब थी। समिति के सदस्यों ने इन खामियों पर कड़ी नाराजगी जताई।
समिति की टीम सबसे पहले हेमराज कॉलोनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंची। विद्यालय में छह शिक्षक और 50 बच्चे मिले। इस विद्यालय से शिक्षकों की संख्या कम करने के लिए बीएसए को कहा गया। धर्मनगरी के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय की दशा ठीक नहीं मिली इस पर टीम ने जांच करा कर दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
गांव के आंगनबाड़ी केंद्र की हालत जर्जर मिली। 14 बच्चे केंद्र पर मिले। बच्चों का वजन करने की मशीन खराब मिली। इस पर टीम ने केंद्र पर मौजूद स्टाफ की जमकर खबर ली। टीम ने माना कि जर्जर भवन से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सीडीओ ने अफसरों को शनिवार को केंद्र को धराशायी करा कर व्हाट्सअप पर फोटो भेजने को कहा।
वहां से टीम सीधे चांदपुरफेरू पहुंचीं। वहां शौचालय की हालत ठीक न होने पर शिक्षिकाओं का जवाब-तलब किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे घर जा चुके थे। वहां की वजन तौलने की मशीन खराब मिली। इसके बाद टीम सीधी रावली के प्राथमिक विद्यालय पहुंची।
वहां टीम को खामियों का अंबार मिला। नाराजगी जताते हुए बीएसए को फटकार लगाई। टीम कांशीराम कॉलोनी के प्राथमिक विद्यालय में गई वहां भी शिक्षकों की कई शिकायत की गई। टीम में विधान परिषद समिति की चेयरमैन आशा किशोर, सदस्य एमएलसी सुबोध पाराशर, विधायक रुचि वीरा, एमएलसी सरोजनी अग्रवाल, हेमलता चौधरी व टीम के साथ लखनऊ से आए कई अफसरों के अलावा सीडीओ अखंड प्रताप सिंह, बीएसए राजेश कुमार श्रीवास्तव व सीडीपीओ दीप्ति भार्गव समेत तमाम अधिकारी शामिल रहे।
पैक हुए खिलौने मिले केंद्र पर
बिजनौर। धर्मनगरी के आंगनबाड़ी केंद्र में तो अनियमितताओं की हद कर दी गई। इस केंद्र पर बच्चों के लिए जो खिलौने व खेलने का सामान रखा था सब पैक हुआ था। ऐसा लग रहा था कि जैसे सामान बिजनौर में लगी प्रदर्शनी से खरीदा हो या कुछ समय के लिए किसी दुकान से किराए पर लाया गया हो। टीम ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई तथा स्टाफ के खिलाफ शासन को लिखने को कहा।
अवैध खनन पर ग्रामीणों में रोष
बिजनौर। रावली में हो रहे अवैध खनन पर टीम के सामने ग्रामीण गरजते रहे, पर टीम ने उनकी एक नहीं सुनी और अवैध खनन की जांच करने नहीं पहुंची। ग्रामीण चाहते थे कि अवैध खनन की गूंज मुख्यमंत्री के कानों तक जाए।
टीम के रावली पहुंचते ही एमएलसी सुबोध पाराशर ने भी टीम का ध्यान रावली क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन की ओर दिलाया। बलवंत सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने टीम से क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत की। कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है।
प्रशासन आंखें मूंदे है। ग्रामीणों को अवैध खनन करने वाले रोज आंख दिखा रहे हैं। कोई ग्रामीणों की नहीं सुन रहा। ग्रामीणों ने टीम से अवैध खनन की भी जांच कराने को कहा। पर टीम अवैध खनन की जांच करने को तैयार नहीं है। टीम के साथ आए अफसरों का कहना था कि टीम का जो दायरा है उससे बाहर टीम नहीं जा सकती।
डाक बंगले में प्रेसवार्ता के दौरान भी पूरे जिले में अवैध खनन का मामला जोरशोर से उठा। एमएलसी सुबोध पाराशर ने भी यह मामला खूब उठाया।