लखनऊ में पैरा शूटर आकांक्षा चौधरी को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित करते मुख्यमंत्री योग?
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आकांक्षा रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से हुई सम्मानित
बिजनौर। अपने जज्बे को मुकाम तक पहुुंचाने के लिए घर में ही शूटिंग रेंज बनाने वाली शूटर आकांक्षा चौधरी को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पहली बार यह पुरस्कार सूबे में किसी दिव्यांग खिलाड़ी को दिया गया है। पैराशूटिंग में आकांक्षा की देश में दूसरी रैंक है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकांक्षा को तीन लाख 11 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।
पीएनबी में कार्यरत आकांक्षा चौधरी को शूटिंग का शौक है। उसे शूटिंग के लिए नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम जाना पड़ता था। ड्यूटी करने के कारण उसे देर हो जाती थी तो आकांक्षा ने अपने घर में ही शूटिंग रेंज खोल ली। आकांक्षा को परिवारवाले ने भी प्रोत्साहित किया। जॉब के साथ-साथ आकांक्षा ने घर में प्रैक्टिस भी की। उसे बीच बीच में वरिष्ठ शूटर खान जफर सुल्तान का मार्गदर्शन मिलता रहा। आकांक्षा ने राज्य व राष्ट्र स्तर की शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और मेडल की झड़ी लगा दी। आकांक्षा को कई बार राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। आकांक्षा चौधरी ने बाद में नेशनल कोच जयप्रकाश नौटियाल के मार्गदर्शन में भी प्रशिक्षण लिया। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर लखनऊ में हुए कार्यक्रम में आकांक्षा चौधरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया है। रानी लक्ष्मीबाई सम्मान प्राप्त करने वाली आकांक्षा चौधरी पहली दिव्यांग खिलाड़ी है। आकांक्षा बताती हैं कि जॉब के बाद वह घर पर घंटों अभ्यास करती हैं। उसके स्टाफ के सदस्य व बैंक अधिकारी भी उसका हौसला बढ़ाते हैं। आकांक्षा का कहना है कि वह देश के लिए शूटिंग में ओलंपिक पदक प्राप्त करना चाहती हैं।