बिजनौर में किसानों पर लाठीचार्ज, रिपोर्ट दर्ज होने के विरोध में और बकाया गन्ना भुगतान के लिए किसानों की रैली में केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधा गया। पूर्व गन्ना राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश सहित दो पूर्व मंत्रियों, कई राजनीतिक दलों व कई संगठनों के नेता किसान बचाव रैली में शामिल हुए। जिला प्रशासन द्वारा मुकदमे वापस करने व वेव ग्रुप द्वारा 28 फरवरी तक भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद करीब चार बजे रैली समाप्त हुई।
गांव रशीदपुर गढ़ी में आयोजित रैली स्थल के चारों ओर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मंच से अनेक राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के कार्र्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। सपा नेता व पूर्व गन्ना राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश ने कहा कि पुलिस ने लाठीचार्ज करके किसानों को भगा दिया। कहा कि भाजपा की सरकार न मरने दे रही है और न जीने दे रही है। आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने मशाल जलाई है और कहा कि जिले के सभी किसान एकजुट हों। उन्होंने सभी किसानों से हाथ उठवाकर समर्थन देने का संकल्प दिलाया। उत्तराखंड सरकार में पूर्व मंत्री रहे व किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामकुमार वालिया ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों के बीच भेजा है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। कहा कि आज देश का किसान भी दुखी है और जवान भी।
रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक डा.अनिल चौधरी ने कहा कि देश की 68 प्रतिशत आबादी खेती से जुड़ी है। फिर भी किसानों पर लाठीचार्ज की जा रही है। कहा कि किसानों के हित के लिए हर लड़ाई लड़ी जाएगी। अगर आरपार की लड़ाई होगी तो राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह भी किसानों के बीच होंगे। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि सपा हर आंदोलन में किसानों के साथ है। राष्ट्रीय जाट संरक्षक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन बालियान ने कहा कि किसान अपना हक लेकर रहेगा। किसान पुलिस की लाठी खाने को भी तैयार है और आत्मदाह करने को भी तैयार है। जाट संरक्षण समिति के राष्ट्रीय महासचिव परवेंद्र सिंह लंबरदार केंद्र सरकार की किसानों पर लाठीचार्ज की नीति जनरल डायर की नीति जैसी है। कहा कि पुलिस वाले भी किसानों की ही औलाद हैं। जब किसान लाठी उठाएंगे तो पुलिस वालों को अक्ल आ जाएगी।
‘सरकारों ने किसानों पर केवल चलाई हैं लाठियां’
यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान सदस्य बलवंत सिंह ने कहा कि आज देश का किसान समेत हर वर्ग परेशान है। आम किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णपाल तोमर ने कहा कि सभी सरकारों ने किसानों पर केवल लाठी ही चलाई हैं। रालोद की महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों को जमीन का हक दिलाया था, लेकिन चुनाव के समय किसान धर्म और जाति में बंट जाता है। भारतीय किसान मजदूर मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद जौला ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री से ज्यादा झूठा और कोई नहीं है। कहा कि देश की जनता को अब भी अपने खाते में 15 लाख रुपये आने का इंतजार है। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि किसानों पर पुलिस की लाठीचार्ज तानाशाही है। कहा कि किसान का सम्मान न करने वाली सरकार को बदल दिया जाएगा। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊधम सिंह ने कहा कि इस साल गन्ना घट गया फिर भी सरकार ने गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया। उस पर सरकार कह रही है कि किसानों की आमदनी दोगुनी कर रहे हैं। बसपा नेता बैठक में शामिल नहीं हुए।
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह व संचालन प्रदेश संयोजक एमपी सिंह ने किया। बैठक में भाकियू भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष वीर सिंह, आजाद किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, सपा नेता डा.रमेश तोमर व सतपाल सिंह, नगर पंचायत झालू चेयरमैन शहजाद अहमद, कांग्रेस नेता मुनीश त्यागी, हाजी शकील अहमद, अजय पवार, विनोद कुमार, अमर सिंह, सतेंद्र, चरन सिंह, हाजी शकील, यामीन राठी आदि मौजूद रहे।
ये दिया आश्वासन
रैली में करीब तीन बजे एसडीएम बृजेश कुमार, सीओ सिटी महेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह पहुंचे। उन्होंने बताया कि चीनी मिलों से 47 करोड़ का भुगतान कराया गया है। इससे तीन गुना अधिक भुगतान अगले सप्ताह दिलाने व वेव ग्रुप का भुगतान फरवरी में कराने की बात कही। साथ ही किसानों पर दर्ज मुकदमे खारिज कराने का भी आश्वासन दिया। आजाद किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बाकी संगठनों से वार्ता कर रैली स्थगित करने की घोषणा की।
राजेंद्र सिंह को संसद भेजने की बात की
रैली में कुछ वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आवाज को संसद में नहीं उठाया जाता है। अगर राजेंद्र सिंह को चुनाव जीताकर संसद में भेजा जाए तो वे वहां किसानों की आवाज उठाएंगे।
किसान हित में की कार्रवाई
बैठक में किसानों ने एसडीएम से लाठीचार्ज पर माफी मांगने को कहा। एसडीएम बृजेश कुमार ने कहा कि चार फरवरी को प्रशासन का कदम किसानों के हित में था और आज की जा रही कार्रवाई भी किसान हित में है। इस पर किसान शांत हो गए।
मंच भरा मैदान नहीं
रैली में मंच पर बैठने वालों की भीड़ उमड़ी रही, जबकि आधे से ज्यादा मैदान खाली पड़ा था। किसान भी कहते रहे कि केवल मंच भरने के लिए बुलाई गई थी। मैदान को भरने के लिए कुछ नहीं किया गया।
खाने के पैकेट बांटे
रैली में किसानों के लिए भोजन व पानी की व्यवस्था की गई थी। किसानों को बहुत ही व्यवस्थित तरीके से भोजन के पैकेट वितरित किए गए। किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई।