हार के बाद सपा रालोद में मंथन शुरू
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी चरणजीत कौर की हार के बाद गठबंधन के दोनों दलों में मंथन शुरू हो गया है। गठबंधन के कौन साथी दगाबाज रहे, इसका पता लगाने में पार्टी के नेता जुट गए हैं। उन्हें शक है कि गठबंधन से जुड़े कुछ सदस्य दोनों तरफ से मिले हुए थे। आखिरी वक्त में वे पाला बदलकर भाजपा के खेमे में चले गए। चार सदस्यों ने सपा रालोद गठबंधन का सारा गणित बिगाड़ डाला।
जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा रालोद गठबंधन के प्रत्याशी चरणजीत कौर की दोनों दलों के नेता जीत पक्की मान रहे थे। जिला पंचायत के चुनाव में शनिवार को चरणजीत कौर को शिकस्त खानी पड़ी। उन्हें 56 में से 25 वोट ही मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र प्रताप सिंह को 30 वोट मिले। जिला पंचायत की एक सदस्य सोनम चौधरी ने वोट नहीं डाला। चरणजीत कौर की हार के बाद सपा रालोद नेताओं के चेहरे लटक गए।
हार के बाद सपा रालोद गठबंधन में मंथन शुरू हो गया है। पार्टी के नेता ये पता लगाने में जुट गए हैं कि दगाबाज कौन नेता रहे। गठबंधन के साथ रहने के बाद इन नेताओं ने आखिरी वक्त में क्यों दगाबाजी की। सपा नेताओं के मुताबिक चार सदस्यों ने दगाबाजी का खेल खेलकर चरणजीत कौर को हार के द्वार पर पहुंचा दिया वरना उनकी जीत पक्की थी। जिन सदस्यों ने पाला बदला वे दोनों प्रत्याशियों से मिले थे। दोनों ओर से वोट देने के लिए पैसा ले रखा था। अब दन सदस्यों पर पैसा वापस करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक जिन नेताओं ने खेल बिगाड़ा है, उनके चेहरे जल्द सामने आ जाएंगे।