बिजनौर। एनसीआर में पाबंदी के बाद बिजनौर में आतिशबाजी बनाने की फैक्टरियों की संख्या बढ़ी है। वहीं बिजनौर की पटाखा फैक्टरियों में धमाका और आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की जिंदगी हर वक्त दांव पर लगी रहती है। इससे पहले भी कई बार धमाके हो चुके हैं।
28 सितंबर 2025 को गांव सीकरी खुर्द के जंगल में स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने के बाद आग लगी थी। जिसमें चार श्रमिक झुलस गए थे। फैक्टरी संचालक ने पहले तो घायलों की जानकारी को ही गोपनीय रखा था। मगर बाद में भेद खुल गया था। इसके 14 दिन पहले 14 सितंबर को नहटौर के गांव आकू में पटाखा फैक्टरी में आग लगी थी। 19 मई 2024 में एक पटाखा फैक्टरी में जोरदार विस्फोट के बाद आग लगी थी। इस घटना में एक की मौत और छह से अधिक श्रमिक घायल हुए थे। इनके अलावा 18 अप्रैल 2024 को भी एक एक पटाखा फैक्टरी में आग लगने से तीन मजदूर झुलस गए थे।