बिजनौर के नहटौर मेंरास्ता बनवाने के लिए पांच वर्षों से संघर्ष कर रहे ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिर टूट ही गया। आहत ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पल्स पोलियो कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की एक टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाने से साफ इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने किसी भी राष्ट्रीय कार्यक्रम व विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार करने का एलान किया है।
गांव मुज्जफरपुर देवीदास में एक रास्ता बनवाने के लिए ग्रामीण पिछले पांच वर्षों से संघर्ष कर रहें हैं। ग्रामीण वीर सिंह, धर्मपाल, जयपाल सिंह, दीपक कुमार, सविता देवी, इंद्रो देवी, मनिता, विपिन कुमार आदि ने कहा कि उक्त रास्ते से करीब एक दर्जन गांव के लोग गुजरते हैं। रास्ते में जलभराव के कारण निकलना दूभर हो गया है। जिलास्तर के अधिकारी और राजनैतिक लोगों से गुहार लगाते लोग थक चुके हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रेमवीर त्यागी भी समस्या का समाधान कराने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। रास्ता नहीं बनने से ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाने से इंकार कर दिया। पोलियो का बहिष्कार करने पर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सीएचसी प्रभारी जीबी कटारिया पुलिस के साथ गांव पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण माने नहीं। ग्रामीणों ने किसी भी राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा न लेने व विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का भी एलान किया है। सीएचसी प्रभारी जीबी कटारिया ने कहा कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।