20 घंटे बाद घूमा धामपुर मिल का पहिया
धामपुर। कोरोना वायरस के मद्देनजर रविवार को जनता कर्फ्यू के कारण धामपुर की चीनी मिल 20 घंटे नो केन होने के बाद सोमवार को एक बजे गन्ने की आपूर्ति होने से शुरू हुई। चीनी मिल के अधिकारियों का कहना है। कि जब गन्ना ही नहीं आया, तो चीनी मिल ऐसे में कैसे पेराई करती। सोमवार को गन्ना आने पर पेराई शुरू की गई।
धामपुर चीनी मिल के गन्ना जीएम आजाद सिंह ने बताया कि जनता कर्फ्यू का सभी लोगों ने समर्थन किया है। किसानों ने भी गन्ने की आपूर्ति नहीं की। 24 घंटे में चीनी मिल गेट पर करीब 45000 क्विंटल से अधिक गन्ने की सीधे किसानों द्वारा आपूर्ति होती है। लेकिन रविवार को कर्फ्यू वाले दिन बमुश्किल 700 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हो सकी। जो गन्ना चीनी मिल के पास पहले से उपलब्ध था, उस गन्ने की पेराई चीनी मिल ने रविवार शाम 5:00 बजे कर दी थी और इसके बाद नो केन होने के कारण चीनी मिल बंद हो गई थी।
सोमवार को एक बजे चीनी मिल चालू हुई। बताया गया कि धामपुर चीनी मिल की 24 घंटे में गन्ना पेराई करने की क्षमता 140000 क्विंटल है। जिसके सापेक्ष 70000 की क्षमता से चीनी मिल को चलाया जा रहा है। जिससे चीनी मिल का पहिया थम न पाए। अफजलगढ़ चीनी मिल पर जनता कर्फ्यू का कोई खास असर नहीं हुआ। मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका का कहना है कि मिल की पैराई क्षमता 65 हजार क्विंटल गन्ने की की है। उनके द्वारा एक दिन पहले से ही इस क्षमता को घटाकर 45 हजार कर दिया गया था।