पराली और कूड़ा जलाने पर होगी कार्रवाई: डीएम
बिजनौर। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी गांव और प्रत्येक खेत की निगरानी सैटेलाइट के माध्यम से की जा रही है। कहा कि पराली या कूड़ा जलाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोष्ठी में 20 किसानों को सरसों मिनी किट का वितरण किया गया।
किसान गोष्ठी में जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कहा कि फसलों के अवशेषों को न जलाने से मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है। साथ ही वातावरण भी अनुकूल बना रहता है। फसल अवशेष जलाने से मित्र कीट मर जाते हैं। पशुओं के चारे की व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से पराली या कूड़ा न जलाकर उनसे खाद बनाकर अपने खेतों में प्रयोग करने की अपील की।
गोष्ठी में सीडीओ कामता प्रसाद सिंह ने कहा कि किसान अपने खेतों में फसल चक्र अपनाएं। साथ ही संबंधित अफसरों को निर्देशित किया कि वे पशुपालन, उद्यान एवं मत्स्य की योजनाओं से किसानों को लाभान्वित करें। मुरादाबाद मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक जेपी चौधरी ने फसल अवशेष प्रबंधन की आवश्यकता के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया। मिट्टी में रासायनिक उर्वरकों की मात्रा बढ़ाने से मिट्टी के जीवाश्म खत्म होते जाएंगे। इसे बचाने के लिए जैविक खाद का प्रयोग करें। इस अवसर पर एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, डा. नरेंद्र सिंह, केके सिंह, डा. भूपेंद्र सिंह, जेपी चौधरी आदि मौजूद रहे।