बिजनौर में तालिब बंधुओं की आरा मशीन पर चलती जेसीबी। स्रोत ग्रामीण
बिजनौर। शहर में संचालित तालिब बंधुओं की आरा मशीन पर प्रशासन ने बुलडोजर से कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई। काफी समय पहले इन्होंने सरकारी रास्ते पर कब्जा कर चहारदीवारी बना ली थी। दस्तावेज़ खंगालने के बाद चकबंदी व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को कार्रवाई की।
तहसीलदार आशीष सक्सेना ने बताया कि चांदपुर सड़क स्थित गाटा संख्या 3264/1 क्षेत्रफल 0.0480 हेक्टेयर व गाटा संख्या 3209 क्षेत्रफल 0.1140 हेक्टेयर भूमि रास्ते के रूप में चकबंदी अभिलेख में अंकित है।
जिसकी पैमाइश चकबंदी विभाग ने अभिलेख अनुसार की। वहीं, मौके पर गाटा संख्या 3263 चकबंदी अभिलेख में खालिद पुत्र ताहिर हुसैन के नाम अंकित है। खालिद ने गाटा संख्या 3263 में बाउंड्री करने के साथ-साथ रास्ते के रूप में अंकित करीब 304 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर कब्जा कर लिया। वहीं, गाटा संख्या 3207 व 3208 में चकबंदी अभिलेख के अनुसार खालिद का नाम अंकित है लेकिन उन्होंने यहां भी 154 मीटर रास्ते पर चहारदीवारी करते अतिक्रमण किया।
चहारदीवारी करने के क्रम में रास्ते के गाटा संख्या 3209 पर भी अवैध 154 मीटर अतिक्रमण कर रखा था। जांच करते हुए टीम ने मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर हमले के बाद से तालिब, खालिद पर चौतरफा कार्रवाई हो रही है।
n बंधुओं का शेरकोट से पुराना नाता : बिजनौर में रहने वाले तालिब बंधुओं का शेरकोट से पुराना नाता है। तालिब बंधु नगर के मोहल्ला मनिहारान में रहकर शीशी बनाने का पुश्तैनी काम करते थे। यहां उनकी पुश्तैनी संपत्ति भी है। करीब 20 साल पहले वह शेरकोट से बिजनौर चले गए।
भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रोबिन चौधरी के साथ हुए विवाद के बाद तालिब बंधु चर्चा में आए। घटना के बाद प्रशासन ने तालिब बंधुओं की अवैध संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया।