बिजनौर। खिरनी गांव की जमीन के प्रकरण में भाकियू अराजनैतिक के नेताओं ने गन्ना काटने का एलान किया था, उक्त जमीन पर अपना हक जता रहे दूसरे पक्ष के किसान ने भी पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर भाकियू नेताओं पर कोर्ट के अवहेलना करने और समाज में भय का माहौल पैदा करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग उठाई है।
सुधीर कुमार की ओर से दिए गए शिकायत पत्र में कहा गया कि उसके स्वामित्व वाली जमीन पर खड़े गन्ने को लेकर अदालत में केस चल रहा है, जिसमें सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तारीख नियत है। कहा कि इस केस में विपक्षी संगीता भाकियू अराजनैतिक के ब्लॉक अध्यक्ष समरपाल सिंह की बेटी है। आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही आदि ने गन्ना काटने का एलान किया है, यह कोर्ट के आदेश को खुली चुनौती है। नितिन सिरोही को किसान नेता दिगंबर सिंह का संरक्षण प्राप्त है और यह सभी लोग हमसाज हैं। कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद भी जबरन अपने संगठन द्वारा फसल काटने की धमकी दे रहे हैं जबकि अदालत ने फसल को काटने एवं कुर्क करने का कोई आदेश पारित नहीं किया है। फैसला आने तक कोई भी गन्ने की फसल को कोई नहीं काट सकता। सुधीर कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उक्त जमीन की विरासत दर्ज कराने के लिए परिवार रजिस्टर की जो नकल लगाई थी वह फर्जी है। उक्ल नकल में जाति वैश्य लिखी हुई है जबकि वह पिछड़ा वर्ग की जाति से आता है। ऐसे में पिछड़ा वर्ग की जमीन को वैश्य जाति के नाम पर विरासत दर्ज करने पर सवाल खड़े किए। कहा कि अदालत में चल रहे केस में संगीता पक्ष का वकील बहस करने के बजाए बार बार तारीख ले रहा है। अब किसी दूसरे वकील का वकालतनामा लगा दिया।