प्रारूप के अनुसार होगी व्यावसायिक कोर्सेज की परीक्षाएं
बिजनौर। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने डिग्री कालेजों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की परीक्षा वर्ष 2021 के लिए प्रश्नपत्रों का प्रारूप घोषित की गई है। व्यावसायिक कोर्सेज की परीक्षा प्रारूप के अनुसार होगी। विश्वश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस साल कोरोना का प्रकोप रहा। जिस कारण लंबे समय तक बंद रहे। छात्र कालेजों में नहीं आए। छात्रों की पढ़ाई नहीं हुई। कोरोना का असर कम होने पर डिग्री कालेज खुले। छात्र संगठनों ने कोरोना के कारण कालेज बंद रहने का हवाला देकर पाठ्यक्रम एवं परीक्षा का प्रारूप बदलने की मांग उठाई।
छात्रों की आवाज शासन तक पहुंची। जिस पर शासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति को परिस्थितियों के अनुसार कदम उठाकर फैसला लेने को कहा। कुलपति ने पाठ्यक्रम एवं प्रश्नपत्रों का प्रारुप तय करने के लिए विषय विशेषज्ञों की समिति गठित कर दी थी।
एमजेपी विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डा. अमित कुमार ने बताया कि समिति की रिपोर्ट आ गई है। कुलपति ने रिपोर्ट को अध्ययन के बाद अनुमोदित कर दिया है। कोरोना का प्रकोप लंबे समय तक रहा है। समिति ने पेपर का समय, सवाल करने के साथ हर विषय के पेपर का प्रारूप तय किया है। व्यवसायिक पाठ्यक्रम के छात्र छात्राएं इसी के अनुसार तैयारी करें।
50 हजार से अधिक छात्र छात्राओं को होगा फायदा
जिले में 110 डिग्री कालेज है। इनमें एक राजकीय, छह अशासकीय सहायता प्राप्त व बाकी वित्त विहीन डिग्री कालेज संचालित हैं। इन डिग्री कालेज में बीएससी विभिन्न वर्गों में आनर्स कोर्स संचालित हैं। साथ ही बीएस सी कंप्यूटर साइंस, बीएड, बीकाम आनर्स, एलएलबी आदि व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हैं। डिग्री कालेजों में लाखों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन सभी व्यावसायिक कोर्स नहीं लेते है। बताया गया कि 50,000 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ते हैं।। बताया गया कि पेपर में सवालों की संख्या कम होने का छात्रों को फायदा होगा। छात्रों को प्रश्नपत्र के प्रारूप के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।
किस विषय में कितने सवाल करने हैं
डा. अमित कुमार ने बताया कि बीएससी होम साइंस, फिजिक्स व केमिस्ट्री आनर्स में तीन सेक्शन होंगे। पहले व दूसरे सेक्शन से दो दो सवाल तथा तीसरे सेक्शन से एक सवाल करना है। पहले सेक्शन का हर सवाल पांच पांच नंबर, दूसरे सेक्शन का हर सवाल 10.10 नंबर तथा तीसरे सेक्शन से एक सवाल करना है जो 20 नंबर का होगा। बीएससी जुलॉजी, बोटनी, गणित के पहले सेक्शन में दो प्रश्न करने हैं प्रत्येक पांच-पांच नंबर का है। दूसरे सेक्शन में तीन प्रश्न करने हैं जो आठ-आठ नंबर के हैं। तीसरे सेक्शन में एक सवाल करना है जो 16 नंबर का है। बीएस सी सी एस में पहले सेक्शन में दो सवाल करने है जो 15.15 नंबर के हैं। दूसरे सेक्शन में एक सवाल करना है जो 20 अंक का है। बीएड पहले सेक्शन में एक सवाल 20 नंबर का करना है। दूसरे सेक्शन में दो सवाल 10.10 नंबर करने है। बीएड पहले सेक्शन में दो सवाल करने है। हरेक 16-16 नंबर का है। सेक्शन दूसरे में चार सवाल करने है। जो 12-12 नंबर के हैं। बीकाणा आनर्स में पहले सेक्शन में दो सवाल हरेक 15-15 नंबर दूसरे सेक्शन में तीन सवाल हरेक पांच पांच नंबर तथा तीसरे सेक्शन में सभी सवाल करने है जो हरेक पांच-पांच नंबर का है। बताया कि एम एंड, एल एल बी आदि के लिए भी प्रश्नपत्र प्रारूप जारी किया है।
पेपर में अच्छे अंक लाना नहीं है आसान
रूहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रुटा के अध्यक्ष डा. मुकेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय ने केवल पेपर का प्रारूप बदला है। सवालों की संख्या भी कम कर दी है पेपर का समय भी कम रहेगा, लेकिन विषय का सिलेबस कम नहीं किया है। छात्रों को अच्छे अंक लाने के लिए अधिक मेहनत करनी है।
क्या कहते हैं छात्र-छात्राएं
मंजीत बीएड का छात्र है। कहता है कि प्रारूप घोषित कर दिया है। यह अच्छी बात है। परंतु कोर्स तो पूरा ही पढ़ना है। मेहनत तो पहले जितनी ही करनी है। सुनीता देवी कहती हैं कि वह बीएससी की छात्रा हैं वे बताते हैं कि कोरोना के कारण न तो स्कूल खुले तथा न ही वह कोचिंग ले सकेंगी। कोर्स पूरा हुआ नहीं है। सवाल कम करने का फायदा आशा अनुरूप नहीं होगा। हर्ष, देव, रूचिन का भी कमोबेश यही कहना है।