बिजनौर। किरतपुर में धार्मिक चिह्न देखकर गाड़ी में आग लगाने के मामले में पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर एनआईए भी जांच में जुटी है। बिजनौर पुलिस ने भी पकड़े गए दोनों आरोपी अबूजर और जैद के मोबाइलों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है ताकि मोबाइल के डिलीट किए गए डाटा को रिकवर किया जा सके।
किरतपुर में चार मार्च को किरतपुर में निमिष रस्तौगी की पिकअप गाड़ी में अबूजर ने आग लगा दी थी। पुलिस ने किरतपुर निवासी अबुजर राईन को 12 मार्च को दबोच लिया। अबुजर से पूछताछ में साफ हुआ कि मुंबई में रहने वाले मौसेरे भाई जैद के कहने पर उसने गाड़ी में आग लगाई। आग लगाने के बाद उसने जैद को उक्त फोटो और वीडियो भेज दिए। अबूजर को हिन्दू समुदाय के लोगों की संपत्ति या गाड़ी में आग लगाने का टास्क टेलीग्राम ग्रुप पर अबूबकर ने दिया था, जिसके बदले उसे रकम देने की पेशकश भी की गई। पुलिस ने मुंबई में रहने वाले जैद निवासी मोहल्ला लुकमानपुरा किरतपुर को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
पुलिस और एनआईए आगजनी के पाकिस्तानी कनेक्शन ढूंढ रही है। जैद की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि उसने टेलीग्राम पर एक ग्रुप बना रखा था, जिसमें एक दर्जन से अधिक युवाओं को जोड़कर रखा गया। इसी ग्रुप में अबूबकर नाम भी एक व्यक्ति जुड़ा हुआ था, जिसका मोबाइल नंबर पाकिस्तानी सीरीज का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वास्तव में वह पाकिस्तानी नंबर है या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अबूबकर कहां का रहने वाला है। अबूबकर की गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। उधर पुलिस सूत्रों ने बताया कि जैद ने गिरफ्तार होने से पहले से ही अपने मोबाइल से डाटा डिलीट कर दिया था। पुलिस ने अबूजर और जैद के मोबाइल को मुरादाबाद की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेज दिया है।