बिजनौर में रोष मार्च निकालते अटेवा के कार्यकर्ता। संवाद
बिजनौर। अटेवा ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर शुक्रवार शाम तीन बजे रोष मार्च निकाला। उन्होंने नारेबाजी करते हुए एनपीएस, यूपीएस और निजीकरण का विरोध किया।
राष्ट्रीय आह्वान पर अटेवा से जुड़े संगठनों के शिक्षक एवं कर्मचारी इंदिरा बल भवन में एकत्रित हुए। यहां से जजी चौक, शास्त्री चौक और सिविल लाइंस होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पश्चिमी जोन प्रभारी चंद्रहास सिंह ने कहा की पुरानी पेंशन हमारा संवैधानिक अधिकार है। जब तक पुरानी पेंशन बहाली नहीं होगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। एनपीएस-यूपीएस एवं निजीकरण देश के करोड़ों शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ षड्यंत्र है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंडलाध्यक्ष रजनीश कुमार ने कहा कि रोष मार्च पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष की आगाज है। उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव, राज्य कर्मचारी परिषद के जिला संरक्षक देशराज सिंह, अध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि कहा कि एक दिन निश्चित पुरानी पेंशन बहाल होगी। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के मंडलीय मंत्री रूपेश कुमार एवं जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारे बुढ़ापे की लाठी है। इसे हासिल करने के लिए संघर्षरत है।
कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीएम को दिया गया। रोष मार्च में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार , दिग्विजय सिंह, शूरवीर सिंह, लोकेंद्र चौधरी, नरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, वीरेंद्र कुमार, शिव कुमार दिवाकर, अटेवा जिला अध्यक्ष उमेश कुमार राजपूत आदि शामिल रहे।