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करोड़पति बन बैठा कलक्ट्रेट का बाबू

Wed, 19 Nov 2014 05:30 AM IST
Bijnor
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बिजनौर। मुजफ्फरनगर जिले के लेखपाल की तरह बिजनौर जिले में भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाला एक बाबू सुर्खियों में है। अब तक के कार्यकाल में वेतन के रूप में कुल 24 लाख रुपये पाने वाले इस लिपिक और उसके बेटों के नाम पर करोड़ों रुपये की कीमत के 20 आवासीय प्लॉट हैं।
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मयूर बिहार कालोनी निवासी अशोक कुमार शर्मा ने इस संबंध में सचिव सर्तकता उत्तर प्रदेश शासन, अवर सचिव केंद्रीय सतर्कता आयोग दिल्ली, ग्रह मंत्रालय भारत सरकार, प्रवर्तन निदेशालय नई दिल्ली, महानिरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन उत्तर प्रदेश आदि को शिकायत भेजकर आरोपी बाबू का काला चिट्ठा खोला है। शिकायत में अशोक कुमार शर्मा ने कहा है कि एक फरवरी 1984 को आरोपी चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्त हुआ था। एक जनवरी 1996 में पदोन्नति मिलने पर लिपिक बना। आरोपी लिपिक ने खनिज लिपिक के पद पर संबद्धता के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। बिल लिपिक के पटल पर रहते हुए कर्मचारियों के एरियर में गबन किया। लिपिक व उसके बेटों के नाम पर करीब 20 आवासीय प्लॉट है। इनमें से कई प्लॉट पिछले कुछ वर्षो में बेचे भी गये है। बैंक्वट हाल, स्कूल व 35 लाख रुपये की लागत का मकान भी है। अशोक कुमार ने शिकायत के साथ संपत्तियों का ब्यौरा आला अफसरों को भेजा है। लिपिक ने प्लॉट खरीदे और किसके नाम पर खरीदे हैं, यह सारी जानकारी शिकायत के साथ भेजी गई। शिकायकर्ता के अनुसार वर्ष 2011 में एक जिला पंचायत सदस्य ने भी आरोपी लिपिक की शिकायत ग्रह सचिव उत्तर प्रदेश से की थी। शासन ने जांच के लिए तत्कालीन डीएम को पत्र लिखा था। डीएम ने एसडीएम को जांच सौंपी। लंबे समय तक जांच पेंडिंग पड़ी रही। इसके बाद लिपिक से ही जांच के पक्ष में उत्तर लिखवाकर उसे शासन को भेज दिया गया। जांच नहीं की गई। शिकायत पर 19 अगस्त 2014 को भी भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने डीएम को पत्र लिखकर लिपिक की जांच कराने के लिए कहा था, लेकिन जांच अभी तक भी शुरू नहीं हुई है। अशोक ने अब उक्त विभागों व अधिकारियों से शिकायत कर आरोपी लिपिक द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित किये जाने की जांच की मांग की है।
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