कोतवालीदेहात। 13 हजार रुपये के लिए ग्रामीण ने एक बागड़िए की धारदार हथियार से हत्या कर दी। शव की पहचान छिपाने के लिए उस पर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया और गारोपुर गांव के पास गन्ने के खेत में फेंक दिया। मामले में नामजद रिपोर्ट कराई गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव गारोपुर के जंगल में रविवार रात ग्रामीणों को गन्ने के खेत में एक शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को रात में ही थाने ले आई। पुलिस के अनुसार शव के पेट पर किसी धारदार हथियार के चार घाव हैं। पहचान छिपाने के लिए शव पर मिट्टी का तेल या पेट्रोल छिड़क कर आग भी लगाई गई। मेरठ जनपद के दौराला थाने के गांव चित्तौड़गढ़ धूलड़ा निवासी चांद ने रात में ही शव की शिनाख्त अपने भाई राजकुमार (35) के रूप में की। थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में उसने बताया कि वे पिछले तीन-चार महीनों से क्षेत्र के गांव रोशनपुर प्रताप में डेरा डालकर रह रहे थे। राजकुमार पशुओं की खरीद फरोख्त और लुहार का काम करता था। उसने करीब एक सप्ताह पूर्व गांव मौथेपुर निवासी नरेंद्र को दो बैल बेचे थे। नरेंद्र ने बैलों की तय कीमत के 13 हजार रुपये राजकुमार को नहीं दिए थे। जिस पर राजकुमार ने 25 अक्तूबर को अपने डेरे के सामने नरेंद्र की बाइक रुकवाकर चाबी अपने पास रख ली थी। ग्रामीणों के कहने पर उसने नरेंद्र की बाइक की चाबी वापस की थी। रिपोर्ट में चांद ने नरेंद्र पर राजकुमार की हत्या करने और शव जलाकर गारोपुर के जंगल में फेंकने का आरोप लगाया है। एसओ धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।