बिजनौर। दीपावली की पूर्व संध्या पर रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक झालरों व कंडील के प्रकाश से पूरा शहर जगमग हो गया। बाजार में रौनक छाई रही। आतिशबाजी की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही।
दिवाली के मौके पर बुधवार को सायं के समय से ही आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया। हर दुकान व हर मकान इलेक्ट्रॉनिक झालरों से सज गया है। सड़क किनारे बाजार लगाया गया। दुकानें बाहर तक फैली रहीं। दुकानों पर लगी झालरें आकर्षण का केंद्र रहीं। इस बार भी आतिशबाजी की दुकानें नुमाइश ग्राउंड में लगाई गई। आतिशबाजी खरीदने के लिए भारी संख्या में गांव व शहर के लोग नुमाइश ग्राउंड में पहुंचे। दिन भर आतिशबाजी की खरीदारी का दौर चलता रहा। उधर, मोमबत्ती, रूई, दीये भी खूब बिके। मिष्ठान्न व गिफ्ट की दुकानों पर भी खरीदारों का तांता लगा रहा।
दिवाली की पूर्व संध्या पर खरीदारी हुई
धामपुर/अफजलगढ़। बाजार में दीपावली की पूर्व संध्या पर ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। बाजार में चाइनीज़ आइटम और झालरों का बोलबाला रहा है। मिष्ठानों की दुकानों पर भारी भीड़ रही। ज्वैलर्स की दुकानों पर चांदी के पुराने सिक्कों की मांग रही, जबकि नए सिक्कों की बिक्री कम रही। ग्राहकों का कहना है कि जब पुराने सिक्के नहीं मिले तो ज्वैलर्स ने नये सिक्कों को पुराना बता कर बेचा। धामपुर में पुलिस की सख्ती के बाद भी लोग वाहनों को ले जाने पर नहीं रूके। ऐसे लोगों की पुलिस से फलचौक पर नोकझोंक हुई। शीला टाकिज, तहसील रोड, जैतरा फाटक पर तो दुकानदारों का पूरी तरह रोड पर अतिक्रमण रहा, जिससे ग्राहकों को परेशानी रही। उधर, प्रशासन की सख्ती के बाद भी आतिशबाजी की दुकान मनमर्जी से लगी। मुख्य बाजार में सड़कों पर दुकानदारों के अतिक्रमण करने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से हर वर्ष रामलीला मैदान में आतिशबाजी का मेला लगवाया जाता है, लेकिन इस बार अधिकांश दुकानदारों ने मुख्य बाजार में भी आतिशबाजी की दुकानों को लगाया।