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अजादारी के नाम से जुड़ा है इमाम हुसैन का नाम : कल्बे शाहिद

Fri, 30 May 2014 05:31 AM IST
Bijnor
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नजीबाबाद। हजरत इमाम हुसैन और साथियों की दीन और इस्लाम को बचाने के लिए दी गई कुर्बानियों को याद करने के साथ जोगीरम्पुरी पर सलाना मजलिसें शुरू हो गई हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए जायरीनों का दरगाह की जियारत और मन्नतें मांगने का सिलसिला भी शुरू हो गया।
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या अली, मौला अली, मुश्किल कुशा मौला अली की सदाओं के साथ जोगीरम्पुरी दरगाह पर मातमी मजलिसें गुरुवार की सुबह शुरू हुईं। शमसुल हसन हाल में मौलाना असगर ने कुरआन की तिलावत की। मजलिस को खिताब करते हुए कोलकाता से आए कल्बे शाहिद इमाम ने कहा कि इस्लाम की तारीक में जब-जब अजादारी का नाम आएगा, उसमें इमाम हुसैन का नाम सबसे अहम होगा। मौला-ए-कायनात का नाम हर उस जंग से जुड़ा है, जिसमें दीन और इस्लाम की हिफाजत का मामला आया। मजलिस को मौलाना आबिद मेहंदी, मौलाना तंजीम सैंथली, अफजल हुसैन भनेड़ा, डा. एहसन अख्तर सरोश अमरोहवी सहित कई शिया विद्वानों ने खिताब किया। हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत का जिक्र आया तो जायरीन जार-जार रोए। गुरुवार की तड़के से ही जायरीनों ने बारगा-ए-मौला में नजराना-ए-अकीदत पेश करना शुरू कर दिया। जायरीनों ने जियारत के साथ मन्नतें मांगीं। दरगाह कमेटी के सचिव सैयद विसाल मेहंदी ने बताया कि वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 50 लाख की सांसद निधि से शमसुल हसन हाल बनवाया है। नवनिर्मित हाल में जायरीनों को भूतल के विशाल हाल के साथ बालकनी में महिलाओं को विशेष रूप से मजलिस सुनने की व्यवस्था उपलब्ध कराई है। उधर, दरगाह पर चादर चढ़ाने आए राज्यमंत्री मनोज पारस से दरगाह कमेटी सचिव विसाल मेहंदी ने परिवहन व्यवस्था निष्प्रभावी होने की शिकायत की। उनका कहना था कि रेलवे स्टेशन चौराहे पर रोडवेज बसों को खड़ा नहीं होने दिया जा रहा और पुलिस की मौजूदगी में डग्गामार वाहन जायरीनों से मनमाना किया वसूल रहे हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था दी गई
सलाना मजलिसों में प्रशासन की ओर से जायरीनों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षित आवागमन, 24 घंटे बिजली, चिकित्सा, सफाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षाबल उपलब्ध कराया गया है। उधर, दरगाह कमेटी ने11 सीसी कैमरे भी लगाए हैं।
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इबादत वही जो दिल से करें : आबिद मेहंदी
फोटो : 29एनजेडबी2डी
हर वो काम इबादत है जो दिल से किया जाए, अल्लाह से लौ लगाकर की गई वही इबादत कामयाब होती है जो इंसान नेकी के साथ अमल में लाता है। जोगीरम्पुरी दरगाह के पेश इमाम मौलाना आबिद मेहंदी ने कुरआन और इस्लाम के नजरिये से नेकी और इंसानियत को जिंदगी का मकसद बनाकर इबादत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शोहरत के लिए किए गए काम परवरदिगार इबादत के नजरिये से कुबूल नहीं फरमाता।
जीने का सलीका सिखाती है कुरआन : उरूज जौनपुरी
फोटो : 29एनजेडबी2ई
कुरआन इस्लाम ही नहीं पूरी कायनात के लिए आफाकी और मुकम्मल जिंदगी जीने का सलीका अता करने वाली पाकीजा किताब है। अली और कुरआन मौजू से खिताब में डा. सैयद कासिम उरूज जौनपुरी ने कहा कि हजरत अली इब्ने अली तालिब की जात भी पूरी कायनात के लिए नमूना-ए अमल और जीने का सलीका सिखाती हैं।
इत्तेहाद का नमूना थे हुसैन : सैयद आबिद
फोटो : 29एनजेडबी2एफ
इमाम हुसैन अलै. ने पूरी कायनात को जुल्म के आगे सिर न झुकाने का पैगाम दिया। नौंगावा से आए मौलाना सैयद मो. आबिद ने कहा कि हुसैन ने अपने छह माह के बेटे और साथियों की कुर्बानी दे दी, लेकिन इस्लाम की हिफाजत के लिए दुश्मन यजीद के सामने सिर न झुकाकर इत्तेहाद का पैगाम दिया।
एहकाम को सही अंजाम दें : अहसन अख्तर
फोटो : 29एनजेडबी2जी
मजलिस खिताब के लिए अमरोहा से आए मौलाना डॉ. अहसन अख्तर सरोश ने इस्लाम में एहकाम को सही ढंग से अंजाम देने तथा तरबीयत सुधारने की सलाह दी। कहा कि जो लोग दीन और इस्लाम से दूर हो जाते हैं, उनकी जिंदगी दुश्वारियों से घिर जाती है।
इल्म से संवरती है जिंदगी : डा. हुसैन अफजल
फोटो : 29एनजेडबी2एच
दिल्ली से आए डा. हुसैन अफजल सैंथली ने शिक्षा और जिहालत का जिक्र करते हुए कहा कि इल्म के जरिये इंसान की सोच बेहतर होती है। जहन बढ़ता है, मेलजोल की भावना विकसित होती है, जबकि जिहालत इससे उल्टे हालात पैदा करती है।
गुनाहों से तौबा करें : तंजीम सैंथली
फोटो : 29एनजेडबी2आई
सैंथल बरेली से आए मौलाना तंजीम हुसैन सैंथली ने गुनाहों से तौबा करने तथा अल्लाह के बताए रास्ते पर चलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो लोग अल्लाह के हुक्म को जिंदगी में उतारते हैं, कुरआन और हदीस की हिदायतों पर अमल करते हैं उन्हें अल्लाह साहिबे एजाज से नवाजता है।
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