बिजनौर। लोकसभा चुनाव में पुलिस के व्यस्त रहने के कारण जेल के बंदी भी मुकदमों की तारीख पर कोर्ट नहीं जा सके। इस कारण जेल में ही अदालत लगाकर बंदियों के मुक दमों पर सुनवाई हुई। करीब 50 बंदियों के मुकदमे सुने गए और सुनवाई की अगली तारीख दी गई।
जिला कारागार की 580 बंदियों को रखने की क्षमता है। जबकि यहां 1048 बंदी हैं। बिजनौर लोकसभा का दस व नगीना लोकसभा का 17 अप्रैल को चुनाव हुआ। चुनाव में जिले की पुलिस व्यस्त रही। पुलिस की व्यस्तता के कारण बंदी कोर्ट में अपने मुकदमों की पेशी पर नहीं जा सके। इस कारण बंदियों के मुकदमों की कार्रवाई भी आगे नहीं बढ़ सकी। जेल अधीक्षक अरुण कुमार अवस्थी के मुताबिक शनिवार को एडीजे चार नसीम अहमद व एसीजेएम तीन हेमंत कुमार बंदियों के मुकदमों से संबध्ंिात फाइलों के साथ जेल पहुंचे तथा वहां अदालत लगाकर बंदियों के मुकदमों की सुनवाई की । करीब 50 बंदियों के मुकदमों की अगली तारीख दी गई।