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मुस्लिमों के बिखराव से मजबूत हुई भाजपा

Fri, 11 Apr 2014 05:30 AM IST
Bijnor
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बिजनौर। जिले में 12 प्रत्याशियोें का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है और मतदान खत्म होते ही समर्थक वोटों का गणित लगाने में जुट गए हैं। सुबह से ही मतदान जातीय व मजहबी राजनीति में उलझा रहा। मतदान केंद्र पर जाने के समय तक मौन रहने वाले मुस्लिम मतदाता भी हवा का रुख नहीं पहचान पाए और ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। कहीं पर मुस्लिमों ने साइकिल तो कहीं पर हाथी की सवारी की। मुस्लिमों का अधिकांश वोट सपा के खाते में जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। खास बात ये है कि इस चुनाव में रालोद प्रत्याशी अभिनेत्री जयाप्रदा का अधिकतम वोट बैंक भाजपा की ओर खिसकता नजर आया। जाट मतदाता बहुसंख्या में भाजपा को मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। साइकिल की दौड़ से हाथी संकट में रहा तो हैंडपंप का पानी सूखने से भाजपा मजबूती में दिखाई दी।
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बिजनौर लोकसभा क्षेत्र मुजफ्फरनगर, मेरठ व बिजनौर जिले से जुड़ा हुआ है। इस लोस क्षेत्र में जाट, गुर्जर, मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। बसपा प्रत्याशी मलूक नागर शुरू से ही दलित, गुर्जर व मुस्लिमों गठजोड़ को सफल बनाने में जुटे हुए थे। वे मुस्लिमों के बीच भाजपा को रोकने के लिए बसपा को ही विकल्प बता रहे थे। भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेंद्र सिंह मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी हैं, मुस्लिमों में इनके प्रति नाराजगी भी साफ झलक रही थी। बसपा को उम्मीद थी कि इसका फायदा उसे मिलेगा, लेकिन मतदान के समय मुस्लिमों के रुझान को देखकर स्थिति बदली नजर आई। बसपा को मुस्लिमों के करीब 25 से 27 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सपा के शाहनवाज राणा को मुस्लिमों के 65 से 70 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। दलित बहुसंख्या में बसपा को ही मिलने का अनुमान है। मतदान के दौरान मुस्लिमों में भाजपा के खिलाफ ध्रुवीकरण की लहर कम और सपा को जिताने की उम्मीदें अधिक नजर आईं। हालांकि कई बार मुस्लिमों का रुझान बदला, लेकिन सपा नेता स्थिति को काबू करने में कामयाब रहे। यही वजह रही कि मुस्लिमों ने शाहनवाज राणा की ओर अधिक रुझान किया। भाजपा को अंदेशा था कि अगर मुस्लिमों में भाजपा के खिलाफ ध्रुवीकरण हुआ तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बिजनौर सीट पर पांच से साढ़े पांच लाख मुस्लिम मतदाता हैं। मुस्लिमों में बिखराव का लाभ भाजपा को मिला है। पीस पार्टी को भी कुछ हद तक मुस्लिमों ने वोट दिए हैं। भाजपा के लिए सबसे बड़ी दिक्कतें रालोद प्रत्याशी जयाप्रदा से थी। माना जा रहा था कि आरक्षण की वजह से जाट बिरादरी के मतदाता रालोद को मिल सकते हैं, लेकिन जाट बिरादरी का करीब 75 से 80 प्रतिशत वोट भाजपा को मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। रालोद नेता ठाकुर अमर सिंह का भी ठाकुर बिरादरी पर प्रभाव नहीं दिखाई दिया, वहीं महानदल भी सैनी बिरादरी को रोकने में नाकाम दिखा। रालोद, कांग्रेस व महानदल के गठबंधन को इससे काफी बड़ा झटका लगा है। जयाप्रदा को ग्लैमर का भी आंशिक लाभ ही मिला। भाजपा प्रत्याशी को नरेंद्र मोदी की लहर और मुजफ्फरनगर का फायदा मिला है। बहुसंख्यक वर्ग में मतदान करने को लेकर उत्साह नजर आया। शहरी क्षेत्र में मतदान प्रतिशतता बढ़ी है। भाजपा को गुर्जर बिरादरी के भी करीब 25 से 30 प्रतिशत वोट मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा दलित वर्ग के भी कुछ हद तक वोट झटकने में भाजपा कामयाब रही। फिलहाल मुस्लिमों में बिखराव और रालोद का वोट बैंक खिसकने से भाजपा को लाभ मिलता नजर आ रहा है। सपा पर बहुसंख्य मुस्लिम जाने से बसपा की बेचैनी बढ़ गई है। बिजनौर में भाजपा अपरहैंड है। हालांकि हाथी और साइकिल भी अपने-अपने हिसाब से दौड़ में हैं।
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ऐसी रही स्थिति
बिजनौर में काजीपाड़ा व बिजनौर इंटर कालेज बिजनौर में मुस्लिमों ने साइकिल व हाथी दोनों पर ही मतदान किया। बख्शीवाला मतदान केंद्र पर पीस पार्टी के मो. मूसा को भी वोट मिले। साइकिल को अधिक वोट मिले हैं। आदर्शनगर, डीएवी इंटर कॉलेज, आवास विकास में कमल खिलता दिखाई दिया। मंडावर क्षेत्र में इनामपुरा, कौहरपुर, तीमरपुर, फतेहपुर कला, मंडावर में सपा को मुस्लिमों के अधिक वोट मिले। यहां पर हाथी को 15 से 20 प्रतिशत वोट ही मिलने का अनुमान है। जाट बिरादरी के मतदाता यहां पर बहुसंख्या में भाजपा पर जाने का अनुमान है। हालांकि यहां पर रालोद को भी वोट मिले हैं। छाछरीमोड़ क्षेत्र में मुस्लिम सपा व बसपा पर बंट गए हैं। बहुसंख्या में सपा को मिले हैं। जाट बिरादरी के मतदाता भाजपा पर अधिक व रालोद पर 25 प्रतिशत ही जाने का अनुमान है। सैदाबाद में दलितों का वोट भी भाजपा को मिलने की चर्चाएं हैं। गंज क्षेत्र में दलित बिरादरी के पूर्व प्रधान कृपाल सिंह का दावा है कि उनकी बिरादरी के वोट भाजपा को मिले हैं। चांदपुर के बसपा विधायक इकबाल ठेकेदार से नाराज दलित मतदाता भाजपा में गए हैं। चांदपुर में बसपा को 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता मिलने का अनुमान है तो वहीं सपा को 65 प्रतिशत मुस्लिम मत मिले हैं। यहां पर पीस पार्टी का भी कुछ हद तक असर दिखाई दिया है। चांदपुर क्षेत्र में अधिकांश जाट मतदाता भाजपा के साथ ही दिखे। हीमपुर दीपा क्षेत्र में सब्दलपुर रेहरा, ऊमरी पीर, मुबारकपुर, मुबारकपुर कला, अकबरपुर तिगरी, नंगला आदि मुस्लिम बहुल गांवोें में केवल बसपा व सपा को ही वोट मिले हैं। उलेढ़ा, मुकरपुर गुर्जर, झाल, मानकपुरी आदि गुर्जर बिरादरी के गांवोें में 30 से 35 प्रतिशत गुर्जर मतदाता भाजपा व 60 फीसदी बसपा को मिलने के कयास हैं। कस्बा झालू में साइकिल व बसपा को मुस्लिम वोट मिले हैं। भाजपा को रालोद से अधिक जाट मतदाता मिलने का अनुमान है। अगरी, गंगदासपुर, चौंकपुरी में भी जाट बिरादरी में कमल खिला, हालांकि हैंडपंप भी चला है। रावली में साइकिल, हाथी और कमल, काजीवाला में साइकिल व हाथी, टिक्कोपुर में साइकिल, हाथी व कमल, धर्मनगरी में साइकिल, हाथी और कमल, बंागली कालोनियों में कमल खिलता नजर आया।
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