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दवा कारोबारी हड़ताल पर, मरीज रहे हलकान

Sat, 29 Mar 2014 05:31 AM IST
Bijnor
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बिजनौर। डिस्ट्रिक केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर में मेडिकल स्टोर बंद रहे। बंद को अनुचित बताने वाले फेडरेशन के सदस्य भी इसमें शामिल हो गए। दवा की कमी के चलते कुछ मरीजों को परेशानी भी उठानी पड़ी। इस मौके पर बैठक के बाद विभिन्न मांगों को लेकर एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
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शुक्रवार को एसोसिएशन ने प्रांतीय आह्वान पर मेडिकल स्टोर बंद रखे तथा नवयुग मार्केट में बैठक की। बैठक में जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नई दवा नीति के तहत लागू की गई शेड्यूल एच-1 तथा खुदरा दवा चलाने हेतु फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता जैसे कानून को वापस लिया जाए। शेड्यूल एच-1 लागू होने से एंटीबायोटिक, टीबी की दवाओं के साथ-साथ शेड्यूल में शामिल 4200 दवाओं के विक्रय हेतु अलग-अलग रजिस्टर बनाना संभव नहीं है। खुदरा दवा की दुकानों के संचालन हेतु फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता अविलंब समाप्त की जानी चाहिए। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट फेडरेशन यूपी के महासचिव सुरेश गुप्ता के आह्वान पर सदस्यों ने एक दिन का सांकेतिक बंद रखा। इस बाद केमिस्ट कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम प्रशासन विनोद सिंह चौधरी को ज्ञापन सौंपा। बैठक में जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार, सचिव अश्वनी कुुमार, कोषाध्यक्ष इंदर सिंह चौहान, जमीरूद्दीन अंसारी, सोनवीर सिंह, केके अग्रवाल, डा. महताब सिंह, वीरपाल सिंह, सुनील कुमार, अमरजीत सिंह, कमर हैदर, प्रदीप कुमार, संतोष कुमार, आदि रहे। बैठक में मेडिकल स्टोर बंद होने पर मरीजों को हुई परेशानी के प्रति खेद प्रकट किया गया।
मेडिकल स्टोरों पर लटके रहे ताले
नजीबाबाद। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल स्टोरों की हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। शुक्रवार सुबह से ही मेडिकल स्टोरों पर ताले लटके रहे। पूरे दिन मरीज दवाईयों के लिए तरसते रहे। उधर, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सलिल विद्यार्थी का कहना है कि सरकार की दवाई कारोबारियों को परेशान करने की नीति के खिलाफ सांकेतिक बंद का आह्वान किया गया था।
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धामपुर। आल इंडिया एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल एसोसिएशन ने शेड्यूल के विरोध में मेडिकल पूरी तरह बंद रखे। दिनभर मरीज दवा लेने को भटकते रहे। इससे मरीजों के तीमारदार परेशान रहे। कासमपुरगढ़ी में अध्यक्ष संतोष कुमार चौहान ने बताया कि शेड्यूल एच-1 को केमिस्ट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उधर, अफजलगढ़, शेरकोट, भूतपुरी में मेडिकल बंद रहे। बादी गढ़ में मेडिकल रोजाना की तरह खुले रहे।
मरीज रहे परेशान
बरूकी निवासी रामौतार सिंह को लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत है। शुक्रवार को बिजनौर निजी चिकित्सक से दवाई लेने आया था। चिकित्सक ने दवा तो लिख दी, लेकिन मेडिकल बंद होने के कारण जजी चौक पर मेडिकल स्टोरों को तलाशता रहा।
नींदडू। शुक्रवार को प्रांतीय संगठनों के आह्वान पर नींदडू के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रोगी डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाई के लिए तमाम मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें दिन भर दवाई मयस्सर नहीं हो सकी।
किरतपुर। सरकार की नई ड्रग्स पॉलिसी के विरोध में शुक्रवार को नगर के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल स्टोर स्वामी एवं सपा व्यापार संगठन जिलाध्यक्ष दीपक अरोड़ा ने बताया कि नई ड्रग्स पॉलिसी में कानून शेड्यूल एच के अंतर्गत 45 दवाईयों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना पड़ेगा, जो संभव नहीं है।
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