बिजनौर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से कई नदियां उफन गई हैं। नदियों के प्रवाह से भूमि कटान ने भी रफ्तार पकड़ ली है। अघोषित बाढ़ की स्थिति में सड़क पर नदी का पानी आने से एक दर्जन से ज्यादा गांवों का शहर से संपर्क टूट गया है। आंधी और बारिश से सोमवार रात भर बिजली आपूर्ति ठप रही। लाइनों पर पेड़ गिरने व तार टूटने के कारण औद्योगिक इकाईयों समेत करीब 80 फीडरों पर आपूर्ति प्रभावित हुई है।
बिजनौर डिवीजन से जुड़े कस्बा झालू के पास लाइन पर पेड़ गिरने व पीली चौकी बिजलीघर व इंडस्ट्रियल फीडर की लाइन टूटने से आपूर्ति ठप रही। जिसे सही करने के लिए दिन भर बिजली कर्मचारी लगे रहे। कई जगह खंभे भी टूटे हैं। बिजनौर से मंडावर क्षेत्र में जाने वाली विद्युत लाइन देर शाम तक भी सही नहीं हो पाई थी। मंडावर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद रही। नगर में सीवर लाइन डालने के दौरान तोड़ी गई सड़कें बारिश से कीचड़ में बदल गई। सड़कों पर वाहन चलाना दूभर हो गया। आंधी और बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है है, हालांकि गन्ने की फसल को बारिश से लाभ पहुंचा है।
बढ़ापुर में सोमवार आधी रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार दोपहर तक होती रही। बारिश से जन जीवन अस्तव्यस्त रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने से बढ़ापुर के तीन ओर बहने वाली नकटा व गुलाह नदी उफन गई हैं। नकटा नदी में उफान आने से बढ़ापुर क्षेत्र के सादातपुर गढ़ी, गांवड़ी, भाऊवाला, नूरपुर अरब, कुंजैटा, तारापुर व मुंकदपुर आदि गांवों का संपर्क मंगलवार को बढ़ापुर से कट गया। ऊनी व खो नदी का पानी बढ़ापुर- नगीना मार्ग पर आ जाने के कारण इस मार्ग पर कई घंटे आवागमन ठप रहा।
नगीना क्षेत्र में मंगलवार तड़के चार बजे से शुरू हुई बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से दुपहर करीब एक बजे खो नदी का जल स्तर बढ़ गया, जिसके कारण ग्राम चमरावाला, तौफीकवाला व जग्गूवाला के ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ग्राम चमरावाला के प्रधान विजय सिंह मालवा के मुताबिक खो नदी में लगी करीब 400 बीघा पलेज पानी आने के कारण बर्बाद हो गई। ग्राम चमरावाला में खो नदी ने गांव से जोड़ने वाले मार्ग को काटना शुरू कर दिया है, जिसके कारण तौफीकवाला व जग्गूवाला के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को अवगत करा दिया गया है, ताकि गांव की सुरक्षा हो सके।
इधर क्षेत्र में वर्षा 48.6 एमएम, सुबह के समय न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस व आर्द्रता 100 प्रतिशत एवं दुपहर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व आर्द्र्रता 77 प्रतिशत रिकार्ड की गई। कृषि अनुसंधान मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के मुताबिक यह प्री-मानसून अरब सागर से क्षेत्र में पहुंचा है जिसकी 15 से 16 जून तक बने रहने की संभावना है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाले मानसून की यहां 20 से 25 जून तक पहुंचने की संभावना है। कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. डीपी सिंह का कहना है कि जहां पर वर्षा के साथ हवा चली है, वहां आम की फसल को नुकसान है।
उधर नांगलसोती में सोमवार रात हुई तेज बारिश से मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से पूंडरीकला-बरमपुर संपर्क मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। इस संपर्क मार्ग से एक दर्जन से अधिक गांव जुड़े हैं, लेकिन मार्ग के बीच मालन नदी पर पुल नहीं बना है। इससे पूंडरीकला, पूंडरीखुर्द, बरकातपुर, सबलपुर बीतरा, बरमपुर, ताहरपुर, ज्वाली, ज्वाला, रायपुर आदि गांवों का संपर्क एक-दूसरे से कट गया।
धामपुर में पहाड़ों पर भारी बारिश से खो नदी में मंगलवार को 7753 क्यूसेक पानी अचानक आ जाने से पलेज की फसल बह गई। अधिशासी अभियंता सिंचाई नंदीश्वर जैन ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी नदी में आ रहा है। अफजलगढ़ के पीली बांध में भी मंगलवार को एक फिट पानी का संचय हो गया है। सोमवार तक इस बांध में पानी का लेवल शून्य था। बाढ़ का अभी क्षेत्र में कहीं कोई खतरा नहीं है। वहीं लगातार बारिश से नगर के टूटे रास्तों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मंडावली में आंधी और बारिश से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों की बिजली गुल और पानी की किल्लत हो गई है।