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लेबर न मिलने से गन्ना किसान परेशान

Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
Bijnor
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धामपुर। गन्ना पेराई सत्र शुरू हो गया। गन्ना छिलाई के लिए लेबर नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसानाें ने कहा जब से मनरेगा शुरू हुई है तो लोकल लेबर मिलनी बंद हो गया है। गन्ना मिलों ने लेबर की कमी से निपटने के लिए क्रय केंद्र में केन लोडर से गन्ना भरने का कार्य शुरू कर दिया है।
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धामपुर क्षेत्र जिला बिजनौर में गन्ने की पैदावार करने के मामले में अव्वल है। जब से किसानाें के सामने श्रमिकाें का टोटा हुआ तब से क्षेत्र में गन्ने की फसल की पैदावार पिछड़ने लगी है। गांव मौरना के वीरेंद्र कुमार, कैलाश चंद शर्मा, पाडली के सुधाकर डवास, सरकथलमाधो के निहाल सिंह, चाकरपुर के बीबी शर्मा, पंकज कुमार, गांव जैतरा के दुष्यंत कुमार आदि ने बताया कि जब से केंद्र सरकार ने मनरेगा शुरू की और सरकार ने मनरेगा श्रमिक की पारिश्रमिक 100 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिदिन किया है तो किसानों के सामने लेबर समस्या आ रही है। पहले बिहार आदि प्रदेश के लोग गन्ने के सीजन में पैसा कमाने के लिए क्षेत्र में आते थे। अब पिछले कुछ समय से इनके आने पर ब्रेक लग गया है। यह लोग भी आते है तो कम संख्या में।
किसानों ने बताया कि मजदूरों के अभाव में छोटे परिवार वाले किसानों के सामने गन्ने की छिलाई के साथ साथ ही गन्ने की ट्रैक्टर ट्राली में भराई और ढु़लाई की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने कहा गन्ना छिलाई और ढुलाई कार्य एक दो आदमी के काबू से बाहर है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लेबर की कमी से निपटने को मिलों के अफसरों ने तो तरीका निकाल लिया है। उन्होंने गन्ना सेंटरों से गन्ने की भराई के लिए लेबर न मिलने के स्थान केन लोडर लगाने की योजना बना दी। उनके अनुसार अफजलगढ़ मिल में 11 केन लोडर और धामपुर मिल में 20 से ज्यादा केन लोडर हैं। मिलों में लेबर के स्थान पर केन लोडराें के कार्य संभाल लिया है। इस कारण समय से गन्ने की पर्ची भी नहीं डल पाएगी। लेबर का यही हाल रहा तो किसान गन्ने की फसल की बुवाई कम कर देंगे।
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