बिजनौर। विजयदशमी के मौके पर रामलीला मैदान में भगवान राम का वेश धरने वाला कलाकार रावण, कुंभकर्ण व मेेघनाद के पुतलों को अगिभनबाण मारकर उनका दहन करते थे लेकिन अब सिर्फ रावण का ही पुतला जलेगा क्योंकि महंगाई के तीर ने कुंभकर्ण व मेघनाद का विजयदशमी से पहले ही वध कर दिया है।
पांच साल पहले तक बिजनौर स्थित रामलीला मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता था। इन तीन पुतलों का ठेका समिति द्वारा विदुर कुटी रोड निवासी इस्लाम को 28 हजार में दिया जाता था। इसमें पुतलों के अंदर लगने वाले पटाखों से लेकर उनको रामलीला मैदान में खड़ा होने तक का खर्चा सम्मिलित होता था लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण पिछले दो साल से 30-32 हजार रुपये देकर भी मात्र दो पुतले बन पा रहे हैं। वहीं झालू, हल्दौर व गंज में आयोजित होने वाली रामलीला में रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया होता रहा है। लेकिन अब महंगाई की मार के कारण इन जगहों पर भी केवल रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। श्री रामलीला सेवा समिति बिजनौर के संयोजक संजय गुप्ता एडवोकेट के अनुसार महंगाई व रामलीला मैदान में स्थान की कमी के कारण दो वर्षों से मेघनाद का पुतला नहीं बनवाया जा रहा है।