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हर साल कम हो रही बेरोजगारों की संख्या

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सेवायोजन कार्यालय में हर साल कम हो रही बेरोजगारों की संख्या
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बिजनौर। देश में चल रहे बेरोजगारी के मुद्दे के सेवायोजन कार्यालय के आंकड़े झुठला रहे हैं। जिला सेवायोजन विभाग में होने वाले रजिस्ट्रेशन में लगातार कमी आ रही है। पिछले पांच साल में रजिस्ट्रेशन एक चौथाई रह गए हैं। लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी का मुद्दा उठाए जाने के बाद भी युवा सेवायोजन विभाग में पंजीयन कराने के लिए नहीं आ रहे हैं। जिन युवाओं ने पहले पंजीयन कराया था, वे भी रिनुअल कराने नहीं आ रहे हैं।
लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही देश में युवाओं को रोजगार न देने का मुद्दा उठाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस समय जितनी बेरोजगारी पहले कभी नहीं थी। लेकिन जिले में बेरोजगारों के आंकड़े लगातार कम हो रहे हैं। साल 2012 में सपा सरकार बनते ही रजिस्टे्रशन कराने के लिए बेरोजगारों का सैलाब सेवायोजन कार्यालय में उमड़ने लगा था। हर कोई एक हजार रुपये महीना मिलने वाले बेरोजगारी भत्ते के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाता था। हालत ये थी कि सेवायोजना कार्यालय भीड़ के सामने बहुत छोटा पड़ गया तो बाद में आईटीआई कॉलेज में फार्म जमा कराए गए थे। एक दिन में पांच-पांच हजार तक फार्म जमा हो जाते थे। करीब 5700 बेरोजगारों को एक हजार रुपये प्रति माह भत्ता दिया गया था। लेकिन एक ही साल में भत्ता बंद हो गया। भत्ता बंद होने के बाद बेरोजगारों ने रजिस्टे्रशन का रिनुअल कराना भी बंद कर दिया। तब से अब तक रजिस्ट्रेशन में भारी गिरावट आई है।
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साल बेरोजगार
2012 37,684
2013 94,975
2014 97,470
2015 97,752
2016 41,296
2017 24,500
2018 23579
नोट:उक्त आंकड़े सेवायोजन विभाग से लिए गए हैं और सभी आंकड़े दिसंबर तक के हैं।
यह है नियम
प्राईवेट कंपनी कैंपस प्लेसमेंट करने के लिए सेवायोजन विभाग से संपर्क करती हैं। जिन युवाओं का सेवायोजन विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होता है उन्हीं को कैंपस प्लेसमेंट में हिस्सा मिलता है। एक रजिस्ट्रेशन तीन साल दो महीने तक मान्य होता है।
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बेरोजगारी भत्ते के लिए जाने जाना वाला सेवायोजन विभाग अब युवाओं को रोजगार देने में मदद कर रहा है। यहां समय समय पर रोजगार मेले लगते हैं। साल 2014 में पहली बार लगे मेले में केवल दो युवाओं को नौकरी मिली थी। इसके बाद रोजगार की संख्या बढ़ती गई। 2015 में 1214, 2016 में 256, 2017 में 272 व 2018 में 789 युवाओं को यहां से रोजगार दिया गया।
जिला सेवायोजन अधिकारी संजय कुमार के मुताबिक युवाओं के विभाग में पंजीकरण की संख्या कम हुई है। रोजगार के लिए युवाओं के पास पहले से ज्यादा विकल्प हैं।
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