जिले में और पांच हजार से ज्यादा किसान मिले ऋण माफी के पात्र
बिजनौर। जिले में और पांच हजार से ज्यादा किसान ऋण माफी के पात्र मिले हैं। इन किसानों पर करीब 35 करोड़ रुपये का कर्ज है। कृषि विभाग ने इन किसानों के ऋण की राशि की डिमांड शासन को भेज दी है। जल्दी ही यह राशि शासन द्वारा किसानों के खातों में भेज दी जाएगी और इन किसानों के सिर से कर्ज का बोझ उतर जाएगा।
मुख्यमंत्री फसली ऋण मोचन योजना में अब तक जिले के 79 हजार 925 किसानों का 559 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो गया है। इस सूची में वे किसान भी शामिल थे, जिनको शुरू में ऋण माफी का पात्र नहीं माना गया था। लेकिन बाद में इन किसानों ने शासन से ऑन लाइन शिकायत करके खुद को ऋण माफी का पात्र बताया था। जांच में पांच हजार से अधिक किसान पात्र पाए गए। उनका ऋण शासन द्वारा माफ कर दिया गया। शासन ने खुद को योजना का पात्र बताने वाले किसानों को फिर से एक मौका दिया था। इन किसानों से ऑन लाइन शिकायत दर्ज करने को कहा गया था। सात हजार से अधिक किसानों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। कृषि विभाग ने इन किसानों की पात्रता की जांच राजस्व विभाग की टीम से कराई थी। जांच में पांच हजार 99 किसान योजना के पात्र मिले हैं। इन किसानों पर करीब 35 करोड़ रुपये का ऋण है। इन किसानों की सूची शासन को भेज दी गई है। इनके खाते में जल्दी ही ऋण की राशि आ जाएगी औन इनका कर्ज खत्म हो जाएगा। ऋण माफ होने के बाद ये किसान फिर से बैंकों से जरूरत पड़ने पर ऋण ले सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी व योजना के नोडल अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार शिकायत दर्ज कराने वालों की सूची राजस्व विभाग को भेज दी गई है। सभी पात्रों को ऋण मोचन योजना का लाभ दिया जाएगा।
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ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
-किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
-किसान पर दो हेक्टेयर/25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो।
-किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
-खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
-अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
-चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
-किसान द्वारा ऋण राशि का दुरुपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
-फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
-किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
-किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
-किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
-खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
-25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।