पेदा कांड में भाजपा नेता की रिहाई के लिए कवायद शुरू
बिजनौर। पेदा कांड में जेल में बंद भाजपा नेता और विधायक सुचि चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम के खिलाफ न्यायालय में चल रहे केस को शासन के आदेश पर वापस लेने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को इस मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय के न्यायालय में शासन की ओर से बहस की गई। बहस पूरी न होने पर शेष बहस के लिए 20 अगस्त की तिथि नीयत की गई।
पेदा में हुए तीहरे हत्याकांड में शासन की ओर से केवल भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी के खिलाफ केस वापस लेने का आदेश मिलने के बाद जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अजय कुमार अग्रवाल द्वारा छह अगस्त को न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर ऐश्वर्य चौधरी के विरुद्ध चल रहे केस को वापस लेने के लिए अदालत से प्रार्थना की गई। शासकीय अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को अदालत में बहस हुई। बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि पेदा में हुए तिहरे हत्याकांड में ऐश्वर्य चौधरी एफआईआर में नामजद नहीं हैं। किसी भी घायल या मुल्जिम ने ऐश्वर्य चौधरी के इस घटना में शामिल होने के बारे में उसका नाम नहीं लिया गया है।
द्वितीय चार्जशीट में जिन गवाहों के बयान के आधार पर ऐश्वर्य चौधरी को अभियुक्त बनाया गया है। उन सबकी ओर से न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा गया कि ऐश्वर्य चौधरी इस घटना में शामिल नहीं था। इन शपथ पत्रों के आधार पर जब इस मामले में ऐश्वर्य चौधरी की भूमिका की पुन: जांच की गई तो ऐश्वर्य चौधरी का इस घटना में कोई रोल नहीं पाया गया। इसके आधार पर ऐश्वर्य चौधरी के खिलाफ फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई है। डीजीसी ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि समस्त जांचों एवं इस घटना के मुद्दई, चुटैल व समस्त गवाहों ने ऐश्वर्य चौधरी को इस घटना में निर्दोष बताया है। मंगलवार को इस मामले में बहस पूरी न होने के कारण शेष बहस के लिए 20 अगस्त की तारीख नीयत की गई है।
दो साल से जेल में बंद हैं भाजपा नेता
बिजनौर। 16 सितंबर 2016 को एक युवती से छेड़छाड़ को लेकर पेदा में हुए संघर्ष में एक पक्ष के तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हुए थे। इस घटना में 24 लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस जांच में ऐश्वर्य चौधरी, अरुण कबाड़ी सहित पांच लोगों के नाम बढ़ाए गए थे। एक अक्टूबर 2016 को भाजपा नेता एश्वर्य चौधरी ने गिरफ्तारी दी थी, तब से वह जेल में बंद हैं।