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ठप रहीं प्राइवेट स्वास्थ्य सेवाएं..इलाज को भटके मरीज

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अमरोहा। नेशनल मेडिकल बिल के विरोध में जिले के निजी अस्पताल के डॉक्टर शनिवार को हड़ताल पर रहे। हड़ताल से निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक बंद रहे। इमरजेंसी छोड़कर सारी निजी सेवाएं बारह घंटे ठप रही। यही नहीं अल्ट्रासाउंड एक्सरे और पैथालॉजी सेंटर भी बंद रहे। दूर दराज से शहर में पहुंचे मरीजों को इलाज के भटकना पड़ा। पूरे दिन मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे, लेकिन इलाज नहीं मिला। आखिरकार मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
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नेशनल मेडिकल बिल के विरोध में आइएमए के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर चिकित्सकों ने धिक्कार दिवस मनाया। शनिवार को अस्पताल बंद कर डॉक्टर पूरे दिन सांकेतिक हड़ताल पर रहे। लोकसभा में सरकार द्वारा लाए जा रहे प्रस्तावित बिल को अलोकतांत्रिक बताते हुए प्राइवेट डॉक्टर सांसद कंवर सिंह तंवर से मिले। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर बिल को रद करने की मांग की। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. शकील फारूख, सचिव डॉ. एसके चौधरी, उपाध्यक्ष केएस सैनी, डॉ. रमेश सिंह सैनी, डॉ. आशीष त्रिवेदी, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. पवन कुमार गर्ग, डॉ. बीएस देवल, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. पंकज बादल, डॉ. आरएस मिश्रा, डॉ. एसपीएस पैसल, डॉ. विवेक अग्रवाल, डॉ. राजीव सिंह मौजूद रहे।

हड़ताल से परेशान रहे मरीज
अमरोहा। निजि डॉक्टरों की हड़ताल के चलते शनिवार को सैकड़ों मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को जानकारी न होने की वजह से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों मरीज निजी अस्पतालों पर इलाज कराने पहुंचे थे। यहां अस्पतालों पर ताले लटके देख मरीज घंटों परेशान होते रहे। जबकि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को देखने भी इस दौरान डॉक्टर नहीं पहुंचे। जिससे कई गंभीर हालत के मरीजों की सांसे अटकी रहीं। इलाज कराने के लिए मरीजों के तीमारदार यहां-वहां भटकते रहे, लेकिन हड़ताल के चलते सभी निजी अस्पतालों पर डॉक्टर न होने के चलते मायूसी हाथ लगी। कुछ मरीज ऐसे भी थे जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ा। दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में हड़ताल का असर दिखायी नहीं दिया।
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