भागूवाला। भाकियू भानु गुट और क्षेत्रीय किसानों की संयुक्त बैठक में चकबंदी प्रक्रिया का विरोध किया गया। भाकियू भानु जिलाध्यक्ष ने क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया से नाखुश किसानों का समर्थन करते हुए प्रक्रिया पर रोक लगवाने के लिए कड़े कदम उठाने का किसानों को भरोसा दिलाया।
बुधवार को भागूवाला में अहसान के आवास पर क्षेत्र के दर्जनों किसान एकत्र हुए। भाकियू भानु गुट
के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह की उपस्थिति में किसानों ने गांव भागूवाला में मनमाने ढंग से चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। किसानों अहसान, हरि सिंह, मो.आजम आदि का कहना है कि गांव में बीते नौ वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया जारी है। किसानों की अधिकांश जमीनें बाहरी व्यक्तियों ने खरीद रखी हैं। भूमाफिया मोटी रकम लेकर मनमाने ढंग से चकबंदी अधिकारियों से अपने चक बनाने की कोशिशों में लगे रहते हैं।
किसानों ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी एवं चकबंदी आयुक्त लखनऊ को भी अवगत करा दिया गया था, जिस पर चकबंदी रोक भी दी गई थी। मगर चकबंदी अधिकारियों द्वारा प्रशासन को गुमराह कर प्रस्ताव को निरस्त करा दिया गया। किसानों को इसकी भनक नहीं लगने दी गई। किसानों ने कहा कि गांव में चकबंदी प्रक्रिया का भारी विरोध होते हुए भी चकबंदी अधिकारी गांव में पुन: चक काटने का प्रयास कर रहे हैं।
भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने कहा कि सभी किसानों के हितों को ध्यान में रखा जाएगा। 90 प्रतिशत किसानों के विरोध के चलते चकबंदी प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए कड़े प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संगठन की आगामी बैठक में मुद्दे पर विचार करने की बात कही। चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने वाले किसानों में मतलूब, समी, शहजाद, असलम, लईक, राशिद, तरमीम, कमरुद्दीन, मुकीम, नाजिम, अकबर सहित कई किसान शामिल रहे।