बिजनौर (ब्यूरो) । गांव असतगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए सहकारिता विभाग ने पहल की है। मजदूर दंपति के बेटा-बेटी को कुपोषण से मुक्ति के लिए दो अधिकारियों ने व्यक्तिगत तौर पर गोद लिया है।
बच्चों से कुपोषण को दूर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद दिया गया है । एआर कोऑपरेटिव अमित त्यागी और एडीओ देवेंद्र कुमार को नहटौर ब्लॉक का गांव असतगढ़ दिया है। दोनों अधिकारियों ने शनिवार को गांव का दौरा किया तो तीन बच्चे अति कुपोषित मिले। गांव के मोनू की तीन साल की बेटी मधु, एक साल का बेटा और अमरपाल का पांच साल का बेटा अमीनेश अतिकुपोषित मिला। एआर अमित त्यागी ने मधु, देवेंद्र कुमार ने उसके भाई ऋषभ को व्यक्तिगत तौर पर भी कुपोषण को खत्म करने के लिए गोद लिया है। अमीनेश के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी गई है। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने अच्छी पहल की है। इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।