91 मामले समाधान के लिए न्यायालय में भेजे
धामपुर। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली अंतर्गत वरासत के लिए चल रहे अभियान के तहत जनपद बिजनौर में विवादित 353 आवेदनों में से 91 तहसीलदार न्यायालय में समाधान के लिए प्रेषित किए हैं। शेष आवेदन अभी विवादित कैटगरी में हैं।
तहसीलदार रमेश चंद चौहान ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक के लिए कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली अंतर्गत निर्विवाद वित्त वरासत अभियान चलाया जा रहा है। आठ फरवरी तक जनपद बिजनौर की सभी तहसीलों में 9 हजार 041 लोगों ने वरासत के लिए प्रार्थना पत्र दर्ज कराए। इनमें से 353 आवेदन जांच में विवादित पाए गए। इनमें से 91 विवादित आवेदन तहसीलदार न्यायालय में प्रेषित कर दिए हैं। सबसे ज्यादा विवादित आवेदन 36 नगीना तहसील में प्रेषित हुए हैं। सबसे कम तीन आवेदन नजीबाबाद तहसील न्यायालय में हैं।
बकौल तहसीलदार, बिजनौर तहसील न्यायालय में विवादित 35 प्रार्थना पत्रों में से 19, चांदपुर में 46 में से पांच, धामपुर में 124 में से 28 आवेदन संबंधित तहसीलों की न्यायालय में प्रेषित किए हैं। बताया कि जो आवेदन प्रेषित होने से शेष रह गए हैं। उन्हें अभी विवादित कैटगरी में रखा गया है। जांच के बाद उनका समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। एकत्र होने के बाद ही पता लगेगा कि जिले में वरासत के कुल कितने आवदेन प्राप्त हुए हैं। इनमें से कितनों का समाधान हुआ है।
गौरतलब है कि जिले में आठ फरवरी तक वरासत के कुल 9 हजार 041 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 8 हजार 881 का समाधान हो चुका है। लेखपाल स्तर से कुल 160 आवेदन लंबित हैं। 536 आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं। तहसीलदार ने बताया कि समस्याओं का निर्धारित समय में समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।