अमरोहा। देशभर में कई आतंकियों के हत्थे चढ़ने और लगातार मिल रही धमकी के बाद पश्चिमी यूपी के एतिहासिक तिगरी मेले मेें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। इस बार तिगरी मेले पर एटीएस की निगरानी रहेगी। इसके अलावा आईबी और खुफिया विभाग की टीम संदिग्धों पर नजर रखेंगी। आतंकी साए की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फुलप्रूफ सुरक्षा प्लान तैयार करने में लगा है।
कार्तिक पूर्णिमा को गजरौला के तिगरी धाम मेला भारत के एतिहासिक मेलों में शुमार है। इसमें जनपद सहित बरेली, मुुरादाबाद, रामपुर संभल के अलावा चंदौसी और बहजोई सहित कई जनपदों के 15 से बीस लाख श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। मेला 15 नवंबर से शुरू होगा। 23 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्थान होगा। करीब दस दिन गंगा की तट पर तंबुओं की नगरी बसती है। मेले को लेकर जिला पंचायत ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं, पुलिस प्रशास ने भी अपनी खाका तैयार कर लिया है। एएसपी, सीओ और इंस्पेक्टरों सहित ढाई हजार पुलिस के जवान मुस्तैद रहेंगे। एक तरफ जहां लगातार आंतकी हमले हो रहे हैं। वहीं कई आंतकी एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं। ऐसे में देश के हालात गरमाए हुए हैं। लिहाजा, आतंकी गतिविधियों को देखते हुए इस बार मेले पर एटीएस की निगाह रहेगी। सूत्रों की माने तो जनपद की खुफिया तंत्र ने इसकों लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इसके बाद साफ हो गया है कि एटीएस की एक टीम मेले में संदिग्धों की निगाहबानी करेंगी। इसके अलावा बीडीडीएस और एएस चेक की पंद्रह टीमें रहेंगी। जो विस्फोटक सामान को तलाश कर उसे डिस्पोज करने का काम करेंगी। साथ ही खुफिया विभाग की टीम संदिग्धों पर नजर रखने का काम करेगी। दिन में दूरबीन और रात में सर्च लाइट से नजर रखी जाएगी।
सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
अमरोहा। तिगरी मेले की निगरानी के लिए 14 सीसीटीवी कैमरे के अलावा 4 ड्रोन कैमरा भी मेले की गतिविधियों को कैमरे में कैद करेंगे। सीसीटीवी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। कैमरों की कमान पुलिस विभाग के हाथों में रहेगी।
तिगरी गंगा मेले की सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम रहेंगे। जनपद के साथ बाहरी फोर्स भी तैनात रहेगी। एटीएस को लेकर विचार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
- डॉ विपिन ताडा, एसपी अमरोहा