फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन ने हटवाया अतिक्रमण

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशासन ने हटवाया अतिक्रमण
विज्ञापन

देवबंद। एसडीएम ऋतु पुनिया ने बुधवार को नगरपालिका के कर्मचारियों को साथ लेकर तहसील के बाहर व बाजारों में पसरे अतिक्रमण को हटवा दिया। तहसील के बाहर सड़क पर जिन लोगों ने खोखे लगा रखे थे उन्हें जेसीबी की मदद से उठा दिया। एसडीएम ने अतिक्रमणकारियों को दोबारा से अतिक्रमण करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
प्रशासन ने अतिक्रमण विरोधी अभियान की शुरूआत एमबीडी चौक से करते हुए मेन बाजार, पुरानी सब्जी मंडी ढाल, हनुमान चौक व मोरी तेलियान तक अवैध अतिक्रमण हटवाया। एमबीडी चौक पर जैसे ही कर्मचारियों ने सड़क पर रखे सामान को उठाकर गाड़ियों में भरना शुरू किया लोगों में अफरा तफरी मच गई। प्रशासन के कड़े तेवर को देख अतिक्रमणकारियों ने स्वयं अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। इसके बाद टीम मेन बाजार होते हुए पुरानी सब्जी, मंडी तहसील ढाल पर पहुंची। जिससे सड़क पर कई-कई फुट तक सब्जी व किरयाना सामान लगाकर अतिक्रमण किए बैठे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने सड़क पर रखे सामान को हटाते हुए तहसील की ओर रुख किया तथा सड़क पर रखे अवैध खोखों, होर्डिग्स को जेसीबी से उखाड़ते हुए अपनी गाड़ी में भर लिया। अभियान दौरान एसडीएम अतिक्रमणकारियों को बार बार चेताती रही। एसडीएम ने कहा कि यदि दोबारा अतिक्रमण किया तो उन्हें एंटी भूमाफिया बनाकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। साथ ही नगरपालिका के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी। एसडीएम ने कहा कि देवबंद में चारों तरफ अतिक्रमण पसरा हुआ है। जिसे हटाना शुरू कर दिया गया है। नगरपालिका की टीम रोजाना जाकर अतिक्रमण हटवाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन का कड़ा रुख देख विरोध नहीं कर सके व्यापारी संगठन
देवबंद। नगर में विकराल रूप लेते जा रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए यूं तो प्रत्येक वर्ष प्रशासन अभियान चलाता है, लेकिन वह कार्रवाई अभियान कम बल्कि खानापूर्ति ज्यादा लगती थी। परंतु आज के अभियान में एसडीएम के सख्त रुख के चलते तहसील के बाहर व पुरानी सब्जी मंडी ढाल से जैसे अतिक्रमण हटाया गया ऐसा पहले पिछले 25 सालों में भी नहीं हुआ। अभियान के दौरान व्यापारी भी अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध नहीं कर पाए हैं, जबकि पहले व्यापारी संगठन विरोध करने लगते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें