नजीबाबाद। अवैध खनन के मामले लगातार सामने आने और मंगलवार को अवैैध खनन में लगी जेसीबी पकड़े जाने पर प्रशासन का माथा ठनक गया है। अब प्रशासन अवैध खनन को लेकर राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल राजस्व कर्मियों को डेली रिपोर्ट के लिए कहा गया है।
क्षेत्र के गांव रम्मनवाला में मालन नदी से रेत और खेतों से मिट्टी खनन के मामले के बाद से प्रशासन सकते में है। बुधवार को एसडीएम एसके सिंह ने नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर निगाह रखी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। स्पष्ट किया कि स्टोन क्रेशरों के वाहनों के ओवरलोड संचालन की शिकायतें मिल रही हैं। वाहनों में ओवरलोडिंग मिली, तो ऐसे वाहनों को तुरंत सीज किया जाएगा।
उधर, तहसीलदार सुरेश कुमार ने रम्मनवाला में अवैध खनन को गंभीरता से लिया। जेसीबी से अवैध खनन होने और क्षेत्रीय लेखपाल को इस संबंध में सूचना न मिलने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अवैध खनन को लेकर अब राजस्व कर्मियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। खनन क्षेत्रों से जुड़े राजस्व कर्मी अपने क्षेत्रों की डेली रिपोर्ट देंगे। गौरतलब है कि काफी समय से अवैध खनन के मामले सामने आने के बाद से अब तक भी प्रशासन द्वारा किसी राजस्व कर्मी से जवाब नहीं मांगा गया है।
डंपरों पर वेल्ड हो रही एक्स्ट्रा बॉडी
नजीबाबाद। तत्कालीन सपा सरकार में हुए ताबड़तोड़ खनन की तर्ज पर एक बार फिर से क्षेत्र में खनन शुरू होने की सुगबुगाहट है। पिछले कुछ महीनों से नदारद डंपर न केवल सड़कों पर नजर आने लगे हैं, बल्कि ट्रांसपोर्टरों ने डंपरों पर लोहे की अतिरिक्त चादर वेल्ड कराकर बॉडी को बड़ा करना शुरू कर दिया है। ताकि कम समय में ज्यादा खनन किया जा सके।