जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलेगा अभियान
बिजनौर । शासन के निर्देश पर जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने का अभियान चलेगा। वर्ष 2018 को जैविक खेती वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। करीब 2300 आबाद राजस्व गांवों में वर्मिंग कंपोस्ट पिट बनेंगे। प्रशासन ने अभियान का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने अमल के लिए गांव-गांव बैठक कर लोगों को जागरूक करने की हिदायत कर्मचारियों को दी है।
विकास भवन में किसानों की बैठक में सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने शासन की जैविक खेती योजना की जानकारी दी है। जैविक खेती को बढ़ावा देना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। प्रथम चरण में करीब 2300 राजस्व आबाद गांवों में जैविक खाद तैयार करने का काम होगा। इसके लिए गांव गांव पिट बनेंगे। इसके लिए आवेदक उसी श्रेणी का होना चाहिए जिस आरक्षित श्रेणी का गांव का प्रधान है। पहले हर गांव में एक एक व्यक्ति चुना जाएगा। इसके बाद जिले के पांच गांवों में शत प्रतिशत पिट बनाने की योजना है। जैविक पिट बनाने के लिए शासन की ओर से आठ हजार का अनुदान देय है। गोबर की बरबादी रोकने का यह ऐतिहासिक कदम है। किसान ज्यादा जैविक खाद तैयार करके अच्छा पैसा कमा सकता है। किसान विजयपाल सिंह, हरपाल सिंह, देवेंद्र, आदि ने शंकाओं का समाधान किया। जैविक खाद तैयार करने के लिए किसानों को प्रशासन केंचुआ उपलब्ध कराएगा। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र मौजूद रहे।